लाहौर में इंटरफेथ ईद मिलन: धर्मगुरुओं ने दिया एकता का संदेश
- इंटरनेशनल
- 26 Mar, 2026 10:15 AM (Asia/Kolkata)
नोलखा प्रेस्बिटेरियन चर्च में वार्षिक इंटरफेथ ईद मिलन पार्टी आयोजित
लाहौर (नज़राना टाइम्स) अली इमरान चठ्ठा
नोलखा प्रेस्बिटेरियन चर्च, लाहौर में रेवरेन्ड डॉ. माजिद एबेल द्वारा वार्षिक इंटरफेथ ईद मिलन पार्टी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम में उलेमा काउंसिल पाकिस्तान के अध्यक्ष मौलाना ताहिर महमूद अशरफी, बिशप आज़ाद मार्शल, पूर्व प्रांतीय मंत्री इजाज़ आलम, संसदीय सचिव सोनिया आशिर, पूर्व सीनेटर कमरान माइकल, पंजाब असेंबली के सदस्य तारिक मसीह गिल और इमैनुएल अतर, प्रोफेसर हुसैन मोहिउद्दीन क़ादरी, ऑल पाकिस्तान मुस्लिम सीट्स बोर्ड के चेयरमैन मौलाना आसिम मखदूम, यूनाइटेड इंटरफेथ ऑर्गनाइजेशन के सदस्य, मुफ्ती आशिक हुसैन, प्रोफेसर डॉ. महमूद ग़ज़नवी सहित विभिन्न धर्मों से जुड़े अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
अपने स्वागत भाषण में रेवरेन्ड डॉ. माजिद एबेल ने सभी मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन अंतरधार्मिक सौहार्द, प्रेम, सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने का बेहतरीन माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में सभी धर्मों के लोग आपसी सम्मान और भाईचारे के साथ रहते हैं और ऐसे आयोजन इस परंपरा को और मजबूत करते हैं।
मौलाना ताहिर महमूद अशरफी ने अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान में अंतरधार्मिक सौहार्द समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और धार्मिक विद्वान हमेशा शांति, सहिष्णुता और एकता का संदेश फैलाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति, प्रेम और मानवता का संदेश देता है।
बिशप आज़ाद मार्शल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विभिन्न धर्मों के बीच दूरी को कम करने और एक-दूसरे को समझने का बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सकारात्मक भूमिका की सराहना की।
प्रोफेसर हुसैन मोहिउद्दीन क़ादरी ने विश्व शांति और एकता के लिए दुआ की और कहा कि मौजूदा हालात में सभी को मिलकर शांति के लिए काम करना होगा। उन्होंने रेवरेन्ड माजिद एबेल की 25 वर्षों की सेवाओं को भी सराहा।
मौलाना आसिम मखदूम ने भी एकता, भाईचारे और धार्मिक सौहार्द पर जोर देते हुए कहा कि पाकिस्तान की तरक्की के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
अन्य वक्ताओं, जिनमें इजाज़ आलम और सोनिया आशिर शामिल थे, ने भी अपने विचार साझा किए और माजिद एबेल की सेवाओं को सराहा।
कार्यक्रम के अंत में पास्टर आरिफ सिराज, फादर आसिफ सरदार, फादर नक़ाश और बिशप आज़ाद मार्शल ने पाकिस्तान की अखंडता और विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना करवाई। इसके अलावा, हुसैन मोहिउद्दीन क़ादरी को यूनेस्को चेयर के लिए चुने जाने पर विशेष सम्मान भी दिया गया।
Leave a Reply