सरबजीत कौर डिपोर्टेशन केस: रिपोर्ट में देरी पर हाई कोर्ट नाराज़

सरबजीत कौर डिपोर्टेशन केस: रिपोर्ट में देरी पर हाई कोर्ट नाराज़

सरबजीत कौर डिपोर्टेशन याचिका – रिपोर्ट में देरी पर हाई कोर्ट की नाराज़गी
लाहौर (नज़राना टाइम्स),अली इमरान चठ्ठा

लाहौर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति फारूक हैदर ने पाकिस्तान के वीज़ा कानूनों के उल्लंघन के आरोप में सरबजीत कौर के डिपोर्टेशन से संबंधित याचिका पर सुनवाई की।
याचिका में अधिवक्ता अली चंगेज़ी संधू और एम. नवाज़ शेख ने दलीलें पेश कीं।
दलीलों के दौरान अधिवक्ता अली चंगेज़ी संधू ने माननीय न्यायालय का ध्यान पिछले आदेश की ओर दिलाया, जिसमें अदालत ने संबंधित पक्षों को सरबजीत कौर के डिपोर्टेशन मामले पर पैरावाइज टिप्पणियां और रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के तहत निम्न संस्थाओं को नोटिस जारी किए गए थे:
कैबिनेट डिवीजन
आंतरिक मंत्रालय
पंजाब सरकार
डीजी एफआईए
विदेश मंत्रालय
अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय
हालांकि, इस आदेश का पालन नहीं किया गया।

कैबिनेट डिवीजन ने अपने वकील की नियुक्ति के लिए एक महीने का समय मांगा ताकि रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके।
विदेश मंत्रालय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने अपनी पैरावाइज टिप्पणियां और रिपोर्ट अदालत में जमा कर दीं।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि सरबजीत कौर का मामला आंतरिक मंत्रालय से संबंधित है और इसका उनके मंत्रालय से कोई संबंध नहीं है। वहीं, विदेश मंत्रालय ने भी अपने जवाब में यही रुख अपनाया कि यह मामला आंतरिक मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है क्योंकि विदेश मंत्रालय केवल बाहरी मामलों से संबंधित है।
अधिवक्ता अली चंगेज़ी संधू ने यह भी बताया कि आंतरिक मंत्रालय ने दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक अपनी रिपोर्ट जमा नहीं की है। इस पर न्यायमूर्ति फारूक हैदर ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त की और सहायक महाधिवक्ता को तलब करते हुए सख्त निर्देश दिया कि सभी संबंधित पक्ष 14 अप्रैल 2026 तक अपनी रिपोर्ट जमा करें।

Ali Imran Chattha
Ali Imran Chattha
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