कविता

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दौलत नई नई है

दौलत नई नई है

May 16, 2025 12:37 AM (Asia/Kolkata)

ख़मोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फ़त नई नई है अभी तकल्लुफ़ है गुफ़्तुगू में अभी मोहब्बत नई नई है अभी न आएगी नींद तुम को अभी न हम को सुकूँ मिलेगा अभी तो धड़केगा दिल ज़ियादा अभी ये चाहत नई नई है बहार का आज पहला दिन है चलो चमन में टहल के आएँ फ़ज़ा में ख़ुशबू नई नई है गुलों में रंगत नई नई है जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है तुम्हारी दौलत नई नई है ज़रा...

यह कविता आज से पचास साल पहले एक हकीम साहब ने कही थी, जो कवि भी थे।

यह कविता आज से पचास साल पहले एक हकीम साहब ने कही थी, जो कवि भी थे।

Feb 24, 2025 05:34 PM (Asia/Kolkata)

यह कविता आज से पचास साल पहले एक हकीम साहब ने कही थी, जो कवि भी थे। जहां तक काम चलता हो ग़िज़ा से वहां तक चाहिए बचना दवा से अगर ख़ून कम बने, बलग़म ज्यादा तो खा गाजर, चने, शलज़म ज्यादा जिगर के बल पे है इंसान जीता ज़ोफे(कमजोरी) जिगर है तो खा पपीता जिगर में हो अगर गर्मी का एहसास मोरब्बा अमला खा या अनानास अगर होती है मेदा में गिरानी(भारीपन) तो पी ली सौंफ या अदरक का पानी थकन से हो अगर अज़लात (मांसपेशियाँ)...

जर्मन कवि राजविंदर सिंह को साहित्यकारों ने दी श्रद्धांजलि ---- कंवर इकबाल सिंह

जर्मन कवि राजविंदर सिंह को साहित्यकारों ने दी श्रद्धांजलि ---- कंवर इकबाल सिंह

Jan 20, 2025 05:30 AM (Asia/Kolkata)

कपूरथला शहर में जन्में राजविंदर सिंह के परिवार और जर्मनी के एक राज्य कवि और लेखकों के एक प्रमुख संगठन के रूप में, विरसा विहार कपूरथला में राजविंदर सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए राजविंदर सिंह के परिवार और सिरजना केंद्र (रजि.) कपूरथला से संयुक्त रूप द्वारा आयोजित किया गया था।आईपीएस श्री जसपाल सिंह अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी, दिल्ली), सेवानिवृत्त एसएमओ डॉ. कुलवंत सिंह मच्छीवाड़ा, एनआरआई कुलदीप...

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