पाकिस्तान-किर्गिस्तान व्यापार दो वर्षों में 200 मिलियन डॉलर तक बढ़ाने के लिए समझौता
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- (Asia/Kolkata)
मौजूदा 16 मिलियन डॉलर का सालाना व्यापार दोनों देशों के मजबूत संबंधों के अनुरूप नहीं: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
बिश्केक/इस्लामाबाद — नज़राना टाइम्स
पाकिस्तान और किर्गिज़ गणराज्य ने अगले दो वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कदम को दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग मजबूत करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ ने बुधवार को किर्गिस्तान से स्वदेश रवाना होने से पहले हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत के दौरान इस समझौते की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और किर्गिस्तान के बीच मौजूदा वार्षिक व्यापार लगभग 16 मिलियन डॉलर है, जो दोनों देशों के करीबी और भाईचारे वाले संबंधों की तुलना में बेहद कम है।
प्रधानमंत्री ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने व्यापार बढ़ाने से संबंधित प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) को एक ठोस समझौते में बदलने के सुझाव को स्वीकार किया। इसके तहत अगले दो वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 200 मिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

हवाई अड्डे पर समझौते पर हस्ताक्षर
समझौते पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति सादिर जापारोव की मौजूदगी में हवाई अड्डे पर हस्ताक्षर किए गए और दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ।
पाकिस्तान की ओर से उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मुहम्मद इशाक डार और किर्गिस्तान की ओर से विदेश मंत्री ज़ीनबेक कुलुबाएव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
यह समझौता दोनों देशों के नेतृत्व के बीच आर्थिक संबंधों के विस्तार और मजबूत राजनीतिक एवं कूटनीतिक रिश्तों को अधिक प्रभावी व्यापारिक सहयोग में बदलने पर हुई बातचीत के बाद सामने आया।
मजबूत आर्थिक साझेदारी पर शहबाज शरीफ का जोर
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि किर्गिज़ नेतृत्व के साथ उनकी बैठकें बेहद सकारात्मक रहीं और इस दौरान आपसी हित के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और किर्गिस्तान के बीच बेहतरीन और भाईचारे वाले संबंध होने के बावजूद केवल 16 मिलियन डॉलर का मौजूदा वार्षिक व्यापार दोनों देशों की वास्तविक आर्थिक क्षमता को नहीं दर्शाता।
प्रधानमंत्री के अनुसार, उन्होंने राष्ट्रपति जापारोव को सुझाव दिया कि केवल एक MoU तक सीमित रहने के बजाय दोनों देशों को अगले दो वर्षों में व्यापार को 200 मिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए एक ठोस समझौता करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति जापारोव ने प्रस्ताव पर सहमति जताई, जिसके बाद पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की रवानगी से पहले ही समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए गए।

आर्थिक सहयोग के नए दौर की उम्मीद
इस समझौते के जरिए पाकिस्तान और किर्गिस्तान के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाने तथा दोनों देशों के कारोबारी समुदायों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने समझौते के लिए राष्ट्रपति जापारोव के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम दोनों भाईचारे वाले देशों के बीच आर्थिक सहयोग के नए दौर का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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