पाकिस्तान-चीन की दोस्ती दुनिया के लिए मिसाल, CPEC 2.0 से विकास को मिलेगी नई रफ्तार : पंजाब ( Pakistan) के वित्त मंत्री
- इंटरनेशनल
- 08 Jul, 2026 04:47 PM (Asia/Kolkata)
लाहौर | नज़राना टाइम्स
पंजाब के वित्त मंत्री मियां मुजतबा शुजा-उर-रहमान ने कहा है कि पिछले 75 वर्षों में पाकिस्तान और चीन के बीच बनी दोस्ती आज पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुकी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच स्थापित ऑल-वेदर स्ट्रैटेजिक कोऑपरेटिव पार्टनरशिप क्षेत्र में शांति, विकास और समृद्धि की सबसे बड़ी गारंटी है।
वह लाहौर स्थित फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FPCCI) के कार्यालय में पाकिस्तान और चीन के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सैयद शफाय हुसैन, लाहौर में चीन के महावाणिज्यदूत सन युम, एफपीसीसीआई के क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ज़ाकी एजाज़, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक और नागरिक समाज के सदस्य भी मौजूद थे।
हर चुनौती में और मजबूत हुए रिश्ते
अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान और चीन के संबंधों ने पिछले 75 वर्षों में हर चुनौती का मजबूती से सामना किया है। उन्होंने कहा कि आज यह रिश्ता केवल दो देशों की मित्रता नहीं, बल्कि एक ऐसी रणनीतिक साझेदारी है जिसे पूरी दुनिया सम्मान की दृष्टि से देखती है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नवाचार के इस दौर में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खुल रहे हैं, जो साझा विकास और आर्थिक समृद्धि को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
CPEC 2.0 में उद्योग और तकनीक पर रहेगा विशेष फोकस
मियां मुजतबा शुजा-उर-रहमान ने कहा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) ने पाकिस्तान के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय संपर्क को नई मजबूती प्रदान की है।
उन्होंने बताया कि अब CPEC 2.0 के तहत औद्योगिक सहयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, डिजिटल अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा और आधुनिक कृषि को प्राथमिकता दी जाएगी।
निवेश के लिए अनुकूल माहौल बना रही है पंजाब सरकार
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ शरीफ के नेतृत्व में पंजाब सरकार निवेश को बढ़ावा देने, संस्थागत सुधारों और सतत आर्थिक विकास के लिए व्यापक कदम उठा रही है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 का पंजाब बजट पूरी तरह जनहित पर आधारित है। इसमें कोई नया प्रांतीय कर नहीं लगाया गया है, जबकि आधारभूत ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, सामाजिक सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और युवाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने चीनी निवेशकों को उन्नत विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी शिक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
कृषि सहयोग को मिलेगी नई दिशा
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार स्मार्ट कृषि, जल-संरक्षण आधारित सिंचाई, कृषि मशीनीकरण, बीज प्रौद्योगिकी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में चीन के साथ सहयोग को और मजबूत करना चाहती है, ताकि खाद्य सुरक्षा और कृषि उत्पादकता को बढ़ाया जा सके।
चीन ने दोहराया हरसंभव सहयोग का भरोसा
लाहौर में चीन के महावाणिज्यदूत सन युम ने कहा कि चीन पाकिस्तान के विकास और समृद्धि के लिए अपने सहयोग को लगातार जारी रखेगा।
उन्होंने बताया कि कई चीनी कंपनियां पहले से ही पंजाब के कृषि क्षेत्र में सक्रिय हैं, जबकि चीन व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी सहयोग कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पाकिस्तानी कारोबारियों को चीनी बाजारों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने के लिए और अधिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
उद्योग मंत्री ने भी सराहा सहयोग
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सैयद शफाय हुसैन ने कहा कि पंजाब में मजबूत बुनियादी ढांचा और निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चीन के साथ मिलकर बीज विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक कृषि तकनीकों के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दे रही है।
समारोह के अंत में दोनों देशों ने आपसी मित्रता और आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया। वित्त मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पाकिस्तान और चीन की यह ऐतिहासिक मित्रता आने वाले वर्षों में भी क्षेत्र में शांति, समृद्धि और साझा विकास को नई गति प्रदान करती रहेगी।
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