भगवान श्री जगन्नाथ की 31वीं संध्या फेरी में उमड़ा भक्ति का सागर

भगवान श्री जगन्नाथ की 31वीं संध्या फेरी में उमड़ा भक्ति का सागर

19 जुलाई को कपूरथला की पावन धरती पर निकलेगी भगवान श्री जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा

कपूरथला 2 जुलाई गौरव मढिया 

19 जुलाई 2026 का दिन कपूरथला के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होने जा रहा है। इस पावन दिवस पर संपूर्ण सृष्टि के स्वामी भगवान श्री जगन्नाथ, अपने दिव्य रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे तथा समस्त नगरवासियों को अपने मंगलमय दर्शन और असीम कृपा से अनुगृहित करेंगे। भगवान की इस दिव्य रथयात्रा के उपलक्ष्य में इस्कॉन कपूरथला द्वारा आयोजित 45 दिवसीय संध्या फेरी अभियान के माध्यम से संपूर्ण नगर में हरिनाम संकीर्तन, भगवान के दर्शन तथा आध्यात्मिक चेतना का संदेश घर-घर तक पहुँचाया जा रहा है।

इसी क्रम में 30 जून को 31वीं संध्या फेरी शहीद ऊधम सिंह नगर में अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। इस शुभ अवसर पर राधे कृष्णा ट्रैवल एजेंसी के संचालक श्री सुरेश अग्रवाल जी, उनके सुपुत्र श्री अंकुश अग्रवाल जी तथा समस्त परिवार ने भगवान श्री जगन्नाथ की प्रथम आरती अत्यंत प्रेम एवं श्रद्धा से संपन्न की। भगवान को विविध प्रकार के स्वादिष्ट भोग अर्पित किए गए तथा मधुर हरिनाम संकीर्तन और भक्तिमय संगीत से संपूर्ण वातावरण दिव्यता से भर उठा।

इसके उपरांत भगवान श्री जगन्नाथ को भव्य रथ पर विराजमान कर संध्या फेरी प्रारंभ हुई। भगवान ने शहीद ऊधम सिंह नगर के प्रत्येक घर और प्रत्येक भक्त को अपने दुर्लभ दर्शन देकर सभी पर अपनी करुणामयी कृपा बरसाई। हरिनाम संकीर्तन की मधुर ध्वनि के मध्य भक्तगण नृत्य करते, गाते और "हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे॥" का संकीर्तन करते हुए भगवान के साथ नगर भ्रमण करते रहे। सम्पूर्ण क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर हो उठा और प्रत्येक घर तक भगवान की कृपा पहुँचाने का यह पावन अभियान अत्यंत उल्लासपूर्वक सम्पन्न हुआ।

संध्या फेरी का समापन श्री कुलभूषण अग्रवाल जी के निवास स्थान पर हुआ, जहाँ उनके परिवार ने भगवान श्री जगन्नाथ का भव्य पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। भगवान को आदरपूर्वक अपने गृह में विराजमान कराया गया तथा तत्पश्चात इस्कॉन कपूरथला के वरिष्ठ वैष्णव नकुल प्रभु जी ने अत्यंत प्रेरणादायक श्रीहरि कथा का अमृतपान कराया।

अपने प्रवचन में उन्होंने श्रीभगवद्गीता के दिव्य संदेश को स्मरण कराते हुए बताया कि भगवान अपने भक्तों पर सदैव असीम कृपा करते हैं। भक्त के पास जो कुछ है, उसकी रक्षा स्वयं भगवान करते हैं और जो भक्त के जीवन के लिए आवश्यक है, उसकी व्यवस्था भी भगवान स्वयं करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे पूर्ण विश्वास और निष्कपट भाव से भगवान श्री जगन्नाथ के श्रीचरणों में प्रार्थना करें—"हे जगत के स्वामी! हमारे हृदय को शुद्ध कीजिए, हमें निष्काम भगवत प्रेम प्रदान कीजिए और इसी जीवन में हमें अपने श्रीधाम की सेवा का अधिकारी बनाइए।" जब भक्त निष्कपट प्रेम से भगवान का स्मरण करता है, तब भगवान उसकी प्रार्थना अवश्य स्वीकार करते हैं और उसे अपने दिव्य प्रेम का अनुभव कराते हैं।

दिव्य कथा श्रवण के पश्चात उपस्थित सभी भक्तगण आध्यात्मिक आनंद से अभिभूत हो गए। इसके उपरांत भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य महाआरती का सौभाग्य श्री कुलभूषण अग्रवाल जी एवं उनके परिवार को प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर इस्कॉन कपूरथला की ओर से समस्त नगरवासियों से विशेष आग्रह किया गया कि 18 जुलाई 2026 को जब भगवान श्री जगन्नाथ सनातन धर्म सभा में विराजमान होंगे, तब सभी श्रद्धालु रात्रि में भी भगवान के दर्शन हेतु अवश्य पधारें, शयन आरती का दिव्य लाभ प्राप्त करें तथा भगवान के महाप्रसाद को श्रद्धापूर्वक स्वीकार करें।

इसके अगले दिन 19 जुलाई 2026 को भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, दिव्य आरतियाँ एवं छप्पन भोग महोत्सव का आयोजन होगा। सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे अपने घरों से प्रेमपूर्वक भोग अर्पण हेतु अवश्य लेकर आएँ और अपने हृदय की भक्ति भगवान के श्रीचरणों में समर्पित करें।

भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का दिव्य अवसर है। यह भक्त और भगवान के बीच प्रेम, समर्पण एवं करुणा का पावन पर्व है। आइए, इस दुर्लभ अवसर का लाभ उठाएँ, हरिनाम संकीर्तन में सम्मिलित हों, भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन करें और अपने जीवन को भगवत प्रेम से आलोकित बनाकर उनके श्रीधाम की ओर अग्रसर हों।

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