न्यूयॉर्क में सिख संगठनों का विरोध, पंजाब में युवाओं पर ‘राज्य हिंसा’ का आरोप
- इंटरनेशनल
- 13 Mar, 2026 07:59 PM (Asia/Kolkata)
अमेरिकी सिख संगठनों ने पंजाब पुलिस की कथित फर्जी मुठभेड़ों और युवाओं पर यातना को लेकर कड़ी चेतावनी दी
अली इमरान चट्ठा | नज़राना टाइम्स मॉनिटरिंग डेस्क | न्यूयॉर्क | 12 अप्रैल 2026
रविवार को न्यूयॉर्क के रिचमंड हिल स्थित Sikh Cultural Society Gurdwara में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई सिख संगठनों और गुरुद्वारा समितियों के प्रतिनिधियों ने भारत के पंजाब में युवाओं के खिलाफ कथित राज्य प्रायोजित हिंसा पर कड़ी चिंता व्यक्त की।
इस बैठक में एक दर्जन से अधिक प्रवासी संगठनों और सामुदायिक समूहों ने भाग लिया। वक्ताओं ने पंजाब के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि Punjab Police कथित तौर पर केंद्रीय भारतीय एजेंसियों के साथ मिलकर “एंटी-गैंगस्टर अभियान” के नाम पर सिख युवाओं को निशाना बना रही है।
फर्जी मुठभेड़ों के आरोप
सामुदायिक नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाबी युवाओं के खिलाफ फर्जी मुठभेड़ों की घटनाएं सिख समुदाय को निशाना बनाने की एक पूर्व नियोजित योजना का हिस्सा हैं। वक्ताओं ने गुरदासपुर जिले के अरियां गांव के 19 वर्षीय रणजीत सिंह की हालिया मौत का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें पूछताछ के लिए घर से ले जाया गया और बाद में पुलिस हिरासत में उनकी मौत हो गई। संगठनों ने इसे न्यायेतर हत्याओं की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा बताया।
बेअदबी की घटनाएं और विरोध प्रदर्शन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि Guru Granth Sahib के खिलाफ बेअदबी की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। वक्ताओं ने समाना में चल रहे उस विरोध प्रदर्शन का उल्लेख किया जिसमें गुरजीत सिंह पिछले 550 दिनों से अधिक समय से एक टावर पर बैठकर बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में एक मोर्चा भी चलाया जा रहा है।
पंजाब में जारी आंदोलन
सिख नेताओं ने कहा कि पंजाब के लोग कई प्रकार के आंदोलनों के माध्यम से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इनमें मोहाली का कौमी इंसाफ मोर्चा, समाना का गुरु ग्रंथ साहिब मोर्चा, रणजीत सिंह की मौत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और चंडीगढ़ स्थित Panjab University में कथित तौर पर Rashtriya Swayamsevak Sangh की गतिविधियों के खिलाफ छात्र आंदोलन शामिल हैं।
नेताओं ने Jagtar Singh Hawara के संदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें पंजाब में सक्रिय सभी समूहों से एकजुट होकर सिख समुदाय के सामने मौजूद मुद्दों का सामना करने की अपील की गई।
कानूनी सहायता पहल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठनों ने एक संयुक्त कानूनी टीम बनाने की घोषणा की। इसका उद्देश्य पुलिस या राज्य की कथित यातना के शिकार सिख युवाओं और जेलों में बंद सिखों को कानूनी सहायता प्रदान करना है।
पंजाब के युवाओं के नाम संदेश
अंत में नेताओं ने पंजाब के युवाओं से अपने गुरु की धरती के रक्षक होने की परंपरा को याद रखने का आह्वान किया और कहा कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए डटे रहें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गुरु की कृपा से पंथ और पंजाब हमेशा चढ़दी कला में आगे बढ़ते रहेंगे।
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