ईंधन बचाने और महंगाई से राहत देने के लिए सख्ती के कदम
- इंटरनेशनल
- 09 Mar, 2026 07:37 PM (Asia/Kolkata)
इस्लामाबाद, (APP) अली इमरान चठ्ठा
प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने सोमवार को सरकार के खर्चों में कटौती करने और सार्वजनिक व निजी क्षेत्रों में ईंधन के उपयोग को कम करने के लिए एक विस्तृत ऊर्जा बचत और मितव्ययिता योजना की घोषणा की। इसका उद्देश्य बढ़ती तेल कीमतों के प्रभाव से आम जनता को राहत देना है।
संघीय और प्रांतीय सरकारों की बैठक में इस योजना को अंतिम रूप देने के बाद प्रधानमंत्री ने टेलीविजन संबोधन में इन उपायों की घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने बताया कि अगले दो महीनों के लिए सरकारी विभागों के वाहनों को मिलने वाले ईंधन में 50 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। हालांकि यह निर्णय एम्बुलेंस और सार्वजनिक बसों पर लागू नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि ईंधन बचाने के लिए सरकारी विभागों के 60 प्रतिशत वाहनों को फिलहाल उपयोग से बाहर रखा जाएगा। अगले दो महीनों तक मंत्री, सलाहकार और विशेष सहायक वेतन नहीं लेंगे और उनकी तनख्वाह जनता की राहत पर खर्च की जाएगी। साथ ही संसद सदस्यों के वेतन में 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
उन्होंने बताया कि ग्रेड-20 और उससे ऊपर के अधिकारियों, जिनकी तनख्वाह 3 लाख रुपये से अधिक है, उनके दो दिन के वेतन को भी सार्वजनिक राहत के लिए काटा जाएगा।
सरकारी विभागों के सभी खर्चों में, वेतन को छोड़कर, 20 प्रतिशत की कमी की जा रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों में फर्नीचर, एयर कंडीशनर और अन्य वस्तुओं की खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा संघीय और प्रांतीय मंत्रियों, सलाहकारों, विशेष सहायकों और सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, सिवाय उन यात्राओं के जो राष्ट्रीय हित के लिए आवश्यक हों। यह प्रतिबंध प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों पर भी लागू होगा।
उन्होंने कहा कि ईंधन बचाने के लिए टेलीकॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही सरकारी रात्रिभोज और इफ्तार पार्टियों पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि खर्च कम करने के लिए सेमिनार और कॉन्फ्रेंस अब होटलों में नहीं बल्कि सरकारी भवनों में आयोजित किए जाएंगे और इसके लिए एक विशेष समिति अनुमति देगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण के लिए सरकारी और निजी क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सरकारी और निजी क्षेत्रों में 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करेंगे। कार्यालय सप्ताह में केवल चार दिन खुले रहेंगे।
तेल की बचत के लिए प्रति सप्ताह एक अतिरिक्त छुट्टी दी जाएगी, हालांकि यह निर्णय बैंकों पर लागू नहीं होगा। उद्योग और कृषि क्षेत्रों पर वर्क-फ्रॉम-होम और अतिरिक्त छुट्टी का नियम लागू नहीं होगा।
इसके अलावा सभी स्कूलों को दो सप्ताह की छुट्टी दी जा रही है और उच्च शिक्षा संस्थानों में तुरंत ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की जा रही हैं।
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