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इमरान खान और बुशरा बीबी को वकीलों से मुलाकात कराने का आदेश, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने सात दिन की मोहलत दी

19 Jun, 2026 01:27 AM

इस्लामाबाद: इस्लामाबाद हाईकोर्ट (आईएचसी) ने गुरुवार को एडवोकेट जनरल इस्लामाबाद को निर्देश दिया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, उनकी पत्नी बुशरा बीबी और उनके वकीलों के बीच सात दिनों के भीतर मुलाकात सुनिश्चित की जाए, ताकि £190 मिलियन संदर्भ (रेफरेंस) में उनकी सजा के खिलाफ अपीलों की तैयारी और पैरवी की जा सके।

मुख्य न्यायाधीश सरदार मुहम्मद सरफराज डोगर और न्यायमूर्ति मुहम्मद आसिफ की खंडपीठ ने राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (नैब) के बहुचर्चित £190 मिलियन मामले में जवाबदेही अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई फिर से शुरू की।
सुनवाई के दौरान इमरान खान के वकील बैरिस्टर सलमान सफदर ने अदालत को बताया कि कई प्रयासों के बावजूद उन्हें अपने मुवक्किल से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद इमरान खान से मुलाकात न होने के कारण वे न तो आवश्यक निर्देश प्राप्त कर सके हैं और न ही अपीलों के लिए हस्ताक्षरित वकालतनामा हासिल कर पाए हैं।

सफदर ने अदालत को बताया कि जेल प्रशासन लगातार उन्हें इमरान खान तक पहुंच देने से इंकार कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नैब ने हाल ही में एक आवेदन दायर कर यह दलील दी है कि सजा निलंबन संबंधी याचिकाएं अब अप्रासंगिक हो चुकी हैं, क्योंकि मुख्य अपीलों की सुनवाई तय हो चुकी है।

वकील ने तर्क दिया कि अपने मुवक्किल के निर्देशों के बिना वह मामले की प्रभावी पैरवी नहीं कर सकते। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले का हवाला देते हुए कहा कि इसी प्रकार के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद राहत दी गई थी और इमरान खान तथा बुशरा बीबी भी ऐसी ही राहत मांगने के हकदार हैं।

सफदर ने अदालत को यह भी बताया कि बुशरा बीबी से उनकी आखिरी मुलाकात पिछले वर्ष दिसंबर में हुई थी और उसके बाद जेल प्रशासन ने उनकी सभी मुलाकात संबंधी मांगों को अस्वीकार कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश डोगर ने एडवोकेट जनरल की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि न्यायिक कार्यवाही के लिए आवश्यक होने पर वकीलों को अपने बंदी मुवक्किलों तक पहुंच मिले।

सुनवाई के दौरान सफदर ने कहा कि अभियोजन पक्ष अपने कानूनी प्रतिनिधियों को बदल चुका है, जबकि वह अभी तक अपने मुवक्किल से नए निर्देश प्राप्त नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा, “मेरे पास इमरान खान के कोई निर्देश नहीं हैं। यदि वह चाहें तो अपने वकील को बदलने का अधिकार भी रखते हैं।”

मुख्य न्यायाधीश ने याद दिलाया कि अदालत पहले भी पीटीआई संस्थापक और उनके वकीलों के बीच मुलाकात कराने के लिए हस्तक्षेप कर चुकी है।

अदालत ने एडवोकेट जनरल इस्लामाबाद को निर्देश दिया कि सात दिनों के भीतर इमरान खान और बुशरा बीबी की उनके वकीलों से मुलाकात कराई जाए, ताकि वकालतनामा और अन्य आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।

इसके बाद अदालत ने आगे की सुनवाई तब तक के लिए स्थगित कर दी, जब तक कि मुलाकातें पूरी न हो जाएं और आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर न हो जाएं।

गौरतलब है कि इमरान खान 5 अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और £190 मिलियन मामले, जिसे अल-कादिर ट्रस्ट केस के नाम से भी जाना जाता है, में 14 वर्ष की सजा काट रहे हैं। इस्लामाबाद की एक जवाबदेही अदालत ने 17 जनवरी 2025 को इमरान खान को 14 वर्ष और बुशरा बीबी को 7 वर्ष कारावास की सजा सुनाई थी। दोनों ने इस सजा को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है।

मामले में आरोप है कि पीटीआई सरकार के दौरान यूनाइटेड किंगडम से वापस लाई गई 50 अरब रुपये की राशि को वैध ठहराने के बदले दंपति ने बहारिया टाउन लिमिटेड से अरबों रुपये और सैकड़ों कनाल भूमि प्राप्त की।

Posted By: Ali Imran Chattha

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