इस्लामाबाद में 2 से 5 नवंबर तक होगा SDPI का 29वां सतत विकास सम्मेलन

इस्लामाबाद में 2 से 5 नवंबर तक होगा SDPI का 29वां सतत विकास सम्मेलन

इस्लामाबाद (नज़राना टाइम्स) अली इमरान चठ्ठा 

सस्टेनेबल डेवलपमेंट पॉलिसी इंस्टीट्यूट (SDPI) की ओर से 29वें सतत विकास सम्मेलन (SDC) का आयोजन 2 से 5 नवंबर तक इस्लामाबाद स्थित अल्लामा इकबाल ओपन यूनिवर्सिटी (AIOU) में किया जाएगा। चार दिवसीय सम्मेलन का मुख्य विषय "उथल-पुथल के दौर में विकास पर नए सिरे से विचार" (Rethinking Development in an Age of Disruption) रखा गया है।

सम्मेलन के साथ चौथे सस्टेनेबिलिटी इन्वेस्टमेंट एक्सपो का भी आयोजन होगा। इसका विषय "लचीले और टिकाऊ विकास के लिए विचारों, निवेश और प्रभाव को जोड़ना" (Connecting Ideas, Investment and Impact for Resilient Development) है।

इस आयोजन की रूपरेखा तीन प्रमुख आधारों- अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और समानता (Economy, Environment and Equity) पर तैयार की गई है। इन तीनों क्षेत्रों में विकास के लिए वित्तीय व्यवस्था को भी विशेष महत्व दिया गया है। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में कर्ज, घरेलू संसाधनों से राजस्व जुटाने, मिश्रित वित्त व्यवस्था और वैश्विक वित्तीय ढांचे में मौजूद असमानताओं पर चर्चा होगी।

इसके अलावा दक्षिण एशिया में सीमापार वायु और जल सुरक्षा, बढ़ती गर्मी से उभरती अर्थव्यवस्था, व्यक्तिगत विकास लक्ष्य (Individual Development Goals - IDGs), संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण और ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग के मॉडल के रूप में बहुपक्षीय व्यवस्था जैसे विषय भी चर्चा का हिस्सा होंगे।

तकनीक भी सम्मेलन के प्रमुख विषयों में शामिल रहेगी। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल व्यापार और डेटा गवर्नेंस पर चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर ग्लोबल साउथ सॉल्यूशंस विदाउट बॉर्डर्स (GS-SWB) प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया जाएगा। इसका उद्देश्य विचार-विमर्श को पायलट परियोजनाओं, नीतिगत टूलकिट और वित्तीय साझेदारियों में बदलना है।

2 नवंबर को होगा उद्घाटन सत्र

सम्मेलन की शुरुआत सोमवार, 2 नवंबर को सुबह 9:30 बजे "उथल-पुथल के दौर में विकास पर नए सिरे से विचार" विषय पर उद्घाटन सत्र के साथ होगी। यह सत्र योजना, विकास एवं विशेष पहल मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इसमें संघीय मंत्री प्रो. अहसान इकबाल मुख्य अतिथि होंगे, जबकि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सलाहकार प्रो. डॉ. राशिद अल महमूद तितुमीर सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

इस अवसर पर दो प्रकाशन भी जारी किए जाएंगे। इनमें "Sustainable Development in the Emerging World Dis|Order" और "Journal of Development Policy, Research & Practice" का खंड 10 शामिल है।

इसके बाद सुबह 11:30 बजे एक्सपो का अवॉर्ड्स प्लेनरी सत्र और रिबन काटने का कार्यक्रम होगा। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार की संघीय मंत्री सुश्री शाज़ा फातिमा ख्वाजा मुख्य अतिथि होंगी। जलवायु अनुकूलन, सर्कुलर इकोनॉमी, डिजिटल नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा और शोध को व्यावहारिक रूप देने सहित सात श्रेणियों में सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड दिए जाएंगे। इस अवसर पर OICCI की एक रिपोर्ट भी जारी की जाएगी।

दोपहर के सत्र में बोस्टन यूनिवर्सिटी के पारडी स्कूल ऑफ ग्लोबल स्टडीज के डीन एमेरिटस प्रो. डॉ. आदिल नजाम "जलवायु कार्रवाई को मजबूत करना: प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्राथमिकताएं और प्रस्ताव" विषय पर मुख्य भाषण देंगे।

इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और सदर्न वॉयस के सहयोग से स्टेट ऑफ एनवायरनमेंट रिपोर्ट भी जारी की जाएगी। अन्य पूर्ण सत्रों में "पुनर्योजी कृषि पद्धतियों के माध्यम से कृषि पर नए सिरे से विचार: मिट्टी, पानी और प्रकृति के संतुलन की बहाली" तथा "सामाजिक सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के बीच संबंध" जैसे विषय शामिल होंगे।

3 और 4 नवंबर को विभिन्न विषयों पर चर्चा

मंगलवार और बुधवार, 3 और 4 नवंबर को अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, जल, स्वास्थ्य, शासन व्यवस्था, युवा, भू-राजनीति, महिला सशक्तिकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित कई विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इनमें "तीन ई के माध्यम से विकास पर नए सिरे से विचार", "दक्षिण एशिया में ऊर्जा परिवर्तन के लिए बिजली प्रणालियों को मजबूत करना", "जल सुरक्षा, जल कूटनीति और क्षेत्रीय शांति", "पाकिस्तान में तंबाकू नियंत्रण पर नए सिरे से विचार", "क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच पाकिस्तान की हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था की रणनीतिक प्राथमिकताएं" और "बदलती भू-राजनीति: जोखिम, लचीलापन और समृद्धि" जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। एक्सपो के दौरान कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी पर छह फायरसाइड चैट भी आयोजित की जाएंगी।

"पाकिस्तान में जलवायु वित्त: तैयारी और कमियां" विषय पर होने वाले सत्र में पाकिस्तान क्लाइमेट एक्शन हब और कंट्री प्लेटफॉर्म्स पर एक डैशबोर्ड लॉन्च किया जाएगा। इस सत्र में पाकिस्तान में डेनमार्क की राजदूत सुश्री माजा डेरोस मोर्टेंसन मुख्य वक्ता होंगी।

इसी तरह विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) के सहयोग से "आपदाओं के साथ जीवन: जोखिमों को समझना, पहले से योजना बनाना और तैयारी के लिए वित्तीय व्यवस्था" विषय पर सत्र आयोजित होगा। इसमें नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के सदस्य (DRR) श्री इदरीस महसूद मुख्य वक्ता होंगे।

मंगलवार शाम के पूर्ण सत्र में पाकिस्तान के स्टेट बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ. इशरत हुसैन के सम्मान में SDPI का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड 2026 प्रदान किया जाएगा।

बुधवार के समापन सत्र का विषय "2030 के बाद सर्कुलर इकोनॉमी की ओर बदलाव: दक्षिण एशिया में नीतिगत महत्वाकांक्षा से समावेशी कार्रवाई तक" होगा। इस अवसर पर इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल एनवायरनमेंट स्ट्रैटेजीज (IGES) के सहयोग से सर्कुलर इकोनॉमी पर एक रिपोर्ट भी जारी की जाएगी।

5 नवंबर को होगा सम्मेलन का समापन

सम्मेलन का अंतिम दिन गुरुवार, 5 नवंबर होगा। सुबह के पूर्ण सत्र में "निजी क्षेत्र का विकास और 2027 के लिए राजकोषीय नीति का एजेंडा" विषय पर चर्चा होगी। इसके बाद "उथल-पुथल के दौर में पाकिस्तान की कृषि और खाद्य प्रणालियों में बदलाव" तथा "पुनर्योजी और जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए AI" विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

दोपहर के कार्यक्रम में एनुअल स्टेट ऑफ रिन्यूएबल एनर्जी 2026 रिपोर्ट जारी की जाएगी। इसके अलावा मध्य पूर्व संकट और आर्थिक परिदृश्य पर भी एक पूर्ण सत्र आयोजित होगा।

सम्मेलन के अंतिम समापन सत्र "विकास के लिए कौन-से सुधार सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं?" में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रो. डॉ. स्टीफन डेरकन मुख्य वक्ता होंगे।

कार्यक्रम का समापन सम्मेलन की चर्चाओं का सार प्रस्तुत करने, सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करने और SDPI अवॉर्ड्स के साथ बेस्ट पवेलियन अवॉर्ड प्रदान करने के साथ होगा।

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