हिंदुओं और भारतीय डॉक्टरों पर टिप्पणियों को लेकर रब्बी योसी मिज़राची की आलोचना: भारतीय मीडिया

हिंदुओं और भारतीय डॉक्टरों पर टिप्पणियों को लेकर रब्बी योसी मिज़राची की आलोचना: भारतीय मीडिया

अंतरराष्ट्रीय डेस्क (नज़राना टाइम्स): इज़राइली-अमेरिकी रब्बी योसी मिज़राची की हिंदू आस्था और भारतीय डॉक्टरों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियों वाला वीडियो सामने आने के बाद उनकी आलोचना हो रही है। भारतीय मीडिया संस्थानों इंडिया टुडे, एनडीटीवी और लाइव हिन्दुस्तान ने वीडियो तथा उस पर आई प्रतिक्रियाओं के बारे में रिपोर्टें प्रकाशित की हैं।

यूट्यूब प्रवचन से जुड़ा है वीडियो

एनडीटीवी की 30 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, यह क्लिप मिज़राची के यूट्यूब चैनल पर 28 अक्टूबर 2026 को अमेरिका से प्रसारित प्रवचन का हिस्सा है। इसमें वह गाय के प्रति हिंदुओं की श्रद्धा का मजाक उड़ाते और भारतीय डॉक्टरों पर अपमानजनक टिप्पणियां करते दिखाई देते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान के अनुसार, मिज़राची ने एक भारतीय व्यक्ति से कथित परिचय का उल्लेख करते हुए उसके परिवार की प्रथाओं के बारे में दावे किए। इसके बाद उन्होंने उसी प्रसंग के आधार पर हिंदुओं और चिकित्सा पेशेवरों के बारे में व्यापक तथा अपुष्ट दावे प्रस्तुत किए।

भारत और इज़राइल से आई आलोचना

लाइव हिन्दुस्तान ने बताया कि भारत में रहने वाले इज़राइली लेखक और शोधकर्ता येशाया रोज़नमैन ने टिप्पणियों की निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान इज़राइल की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।

एनडीटीवी के अनुसार, भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने भी वीडियो साझा करते हुए धार्मिक नफरत और दूसरों की आस्था का मजाक उड़ाने की निंदा की। उन्होंने विभिन्न धर्मों के सम्मान और दूसरों को स्वीकार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

दावों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता

भारतीय मीडिया की ये रिपोर्टें मिज़राची की टिप्पणियों और उन पर सामने आई प्रतिक्रियाओं का विवरण देती हैं। ये हिंदुओं या भारतीय डॉक्टरों के बारे में उनके दावों की सत्यता की पुष्टि नहीं करतीं।

कुछ व्यक्तियों से संबंधित किसी कथित घटना के आधार पर पूरे धार्मिक समुदाय या पेशे के व्यवहार के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

News Disclaimer:The news, articles and other materials published by Nazarana Times are based on the opinions of our reporters and writers. The institution is not responsible for the facts and names given in them and the institution does not necessarily agree with them.