पन्नू ने मोदी को भारतीय झंडा फहराने से रोकने वाले के लिए 1,11,000 डॉलर के इनाम की घोषणा की; अमेरिका में अगला खालिस्तान रेफरेंडम
- इंटरनेशनल
- 12 Aug, 2026 07:35 PM (Asia/Kolkata)
अली इमरान चट्ठा के सवाल पर कि क्या सिख आज़ादी चाहते हैं, पन्नू का दावा—1984 के बाद 1.5 लाख सिख मारे गए; 16 अगस्त को इंडियाना में रेफरेंडम का ऐलान
लाहौर — अली इमरान चट्ठा
पत्रकार एवं ब्यूरो चीफ, नज़राना टाइम्स पाकिस्तान
सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 15 अगस्त को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तिरंगा फहराने से रोकने वाले व्यक्ति के लिए 1,11,000 अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका में ग्लोबल खालिस्तान रेफरेंडम के अगले चरण का भी ऐलान किया।
अमेरिका से संचार माध्यम के जरिए लाहौर प्रेस क्लब को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि ग्लोबल खालिस्तान रेफरेंडम के अगले चरण के लिए मतदान 16 अगस्त को अमेरिका के इंडियाना में होगा।
मोदी को तिरंगा फहराने से रोकने पर 1,11,000 डॉलर का इनाम
भारतीय तिरंगे को “खून से सना झंडा” बताते हुए पन्नू ने कहा कि 15 अगस्त को जब नरेंद्र मोदी भारतीय झंडा फहराएंगे, तो उन्हें ऐसा करने से रोकने वाले व्यक्ति को 1,11,000 डॉलर का इनाम दिया जाएगा।
यह बयान और इनाम की घोषणा पन्नू द्वारा की गई है। नज़राना टाइम्स इसका समर्थन या स्वतंत्र रूप से सत्यापन नहीं करता।
शिमला को खालिस्तान की प्रस्तावित राजधानी बताया
पन्नू ने शिमला को खालिस्तान की प्रस्तावित राजधानी घोषित करते हुए कहा कि यह फैसला उस प्रक्रिया का मुकाबला करने के उद्देश्य से है, जिसे उन्होंने भारत सरकार द्वारा क्षेत्र की जनसांख्यिकीय संरचना बदलने की कोशिश बताया।
उन्होंने दावा किया कि स्वतंत्र “रिपब्लिक ऑफ खालिस्तान” की स्थापना के बाद कश्मीर भी स्वतंत्र होगा और दूसरे राज्यों की आज़ादी का रास्ता भी खुलेगा।
पन्नू ने आगे दावा किया कि शिमला के बाद दिल्ली में खालिस्तान का झंडा फहराया जाएगा और दिल्ली बाद में खालिस्तान का हिस्सा बनेगी।
अली इमरान चट्ठा के सवाल पर पन्नू का दावा—1984 के बाद 1.5 लाख सिख मारे गए
पत्रकार अली इमरान चट्ठा द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या भारत में रहने वाले सिख आज़ादी चाहते हैं, पन्नू ने कहा कि इसका जवाब 1984 के बाद के सिख इतिहास में देखा जा सकता है।
पन्नू ने 1984 में स्वर्ण मंदिर परिसर में हुई भारतीय सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें सैकड़ों सिख मारे गए थे, जिनमें संत जरनैल सिंह भिंडरांवाले और अन्य वरिष्ठ सिख नेता भी शामिल थे।
उन्होंने दावा किया कि इस सैन्य कार्रवाई के बाद शुरू हुए सशस्त्र संघर्ष को भारतीय राज्य ने निशाना बनाया। पन्नू ने आरोप लगाया कि सिख संघर्ष को दबाने के प्रयास में पंजाब पुलिस ने भारतीय राज्य के आदेश पर करीब 1.5 लाख लोगों को मार दिया।
पन्नू ने सिख मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा से जुड़े आंकड़ों और जांचों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि सिख युवाओं और बुजुर्गों ने खालिस्तान की आज़ादी के लिए अपनी जानें दीं।
पन्नू का दावा—भारत में सिखों का ‘नरसंहार’ अभी भी जारी
पन्नू ने दावा किया कि भारत में सिखों का “नरसंहार” अभी भी जारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिख राजनीतिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और खालिस्तान समर्थकों को लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने 1984 के बाद हुई हत्याओं और लोगों के लापता होने की घटनाओं को सिख समुदाय के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा बताया।
सिख युवाओं में नशे का मुद्दा उठाया
पन्नू ने सिख युवाओं में नशे की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि सिख युवाओं को नशे की ओर धकेला जा रहा है और मादक पदार्थ सिख समुदाय के भविष्य के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने सिख युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की।
भारतीय सशस्त्र बलों में कार्यरत सिखों को संदेश
पन्नू ने पाकिस्तान के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और गुरु नानक देव जी के जन्मस्थान ननकाना साहिब को सिखों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बताया।
उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों में कार्यरत सिखों को पाकिस्तान के खिलाफ किसी कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेना चाहिए और न ही पाकिस्तान के हितों के विरुद्ध काम करना चाहिए।
कश्मीर, दिल्ली और अन्य स्वतंत्रता आंदोलनों पर बयान
यह पूछे जाने पर कि क्या SFJ उन अन्य स्वतंत्रता आंदोलनों और अल्पसंख्यकों के साथ हाथ मिलाएगा, जिनके बारे में पन्नू का कहना है कि वे भारत सरकार के उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि हर स्वतंत्रता की लड़ाई संबंधित लोगों को स्वयं लड़नी होती है।
उन्होंने कहा कि सिख खालिस्तान के लिए अपनी लड़ाई खुद लड़ेंगे और दावा किया कि वे अंततः अपना संघर्ष जीतेंगे।
16 अगस्त को इंडियाना में ग्लोबल खालिस्तान रेफरेंडम
पन्नू ने कहा कि ग्लोबल खालिस्तान रेफरेंडम का अगला चरण 16 अगस्त को अमेरिका के इंडियाना में आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने इसे सिख समुदाय के आत्मनिर्णय के अधिकार की अभिव्यक्ति बताया और कहा कि यह अभियान दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी रहेगा।
अस्वीकरण
यह पूरी खबर गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए बयानों और किए गए दावों पर आधारित है। खबर में शामिल विचार, आरोप और दावे पन्नू के हैं। नज़राना टाइम्स इन बयानों और दावों से आवश्यक रूप से सहमत नहीं है और न ही उनका समर्थन करता है।
अली इमरान चट्ठा
पत्रकार एवं ब्यूरो चीफ
नज़राना टाइम्स पाकिस्तान
लाहौर
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