सिंध के निजी स्कूलों में सनातन धर्म पाठ्यक्रम लागू
- इंटरनेशनल
- 02 Aug, 2026 02:17 PM (Asia/Kolkata)
सिंध में सरकारी और निजी स्कूलों में हिंदू छात्रों के लिए 'सनातन धर्म' की पाठ्यपुस्तक अनिवार्य
अली इमरान चठ्ठा कराची, 2 अगस्त 2026
सिंध सरकार ने प्रांत के सभी निजी और सरकारी स्कूलों में कक्षा 3 से 5 तक के हिंदू छात्रों के लिए स्वीकृत "सनातन धर्म" पाठ्यपुस्तक को अनिवार्य कर दिया है। यह निर्णय पाकिस्तान के संविधान के अनुरूप अल्पसंख्यक समुदायों को उनके अपने धर्म के अनुसार शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह निर्देश डायरेक्टरेट ऑफ इंस्पेक्शन एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ प्राइवेट इंस्टीट्यूशंस, सिंध ने स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी डिपार्टमेंट के निर्देशों पर जारी किया। निजी स्कूलों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने, योग्य शिक्षकों की नियुक्ति करने, निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम लागू करने तथा अनुपालन रिपोर्ट तुरंत जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सिंध के शिक्षा मंत्री सैयद सरदार अली शाह ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सरकार हिंदू विद्यार्थियों को उनके अपने धर्म के अनुसार शिक्षा प्रदान कर अपनी संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी निभा रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम बहुत पहले उठा लिया जाना चाहिए था।
यह पहल एमपीए महेश कुमार हसीजा, पाकिस्तान हिंदू मंदिर मैनेजमेंट कमेटी (PHMMC) और प्रेम सागर संस्था के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है, जिन्होंने पाठ्यक्रम के विकास और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पाकिस्तान हिंदू मंदिर मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण शर्मा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सिंध के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 1.5 लाख हिंदू विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे अल्पसंख्यक शिक्षा और धार्मिक समावेशन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

यह नीति अप्रैल 2026 में लिए गए उस निर्णय का विस्तार है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा 3 से 5 के हिंदू विद्यार्थियों के लिए एथिक्स (नैतिक शिक्षा) विषय के स्थान पर हिंदू धार्मिक शिक्षा शुरू की गई थी।
यह पहल पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 22(1) पर आधारित है, जिसमें कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को उसके अपने धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म की शिक्षा प्राप्त करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
नई नीति के तहत सिंध टेक्स्टबुक बोर्ड इन पुस्तकों की छपाई और निःशुल्क वितरण करेगा। चालू शैक्षणिक वर्ष में प्रकाशन का खर्च कराची स्थित प्रेम सागर संस्था वहन कर रही है, जबकि भविष्य में इसके लिए नियमित बजट प्रावधान किया जाएगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सिंध के सरकारी स्कूलों में कक्षा 3 से 5 तक 1,29,000 से अधिक हिंदू विद्यार्थी नामांकित हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या थरपारकर और उमरकोट जिलों की है। नए आदेश से निजी स्कूलों के हिंदू विद्यार्थियों को भी यही सुविधा मिलेगी।
इस निर्णय का व्यापक रूप से स्वागत किया गया है। हालांकि शिक्षा विशेषज्ञों ने कहा है कि इसकी सफलता के लिए शिक्षकों का उचित प्रशिक्षण और प्रभावी क्रियान्वयन बेहद आवश्यक होगा।
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