कड़ी सुरक्षा के बीच इमरान खान को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में किया गया शिफ्ट

कड़ी सुरक्षा के बीच इमरान खान को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में किया गया शिफ्ट

अली इमरान चट्ठा | नज़राना टाइम्स
इस्लामाबाद — पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गुरुवार रात कड़ी सुरक्षा के बीच रावलपिंडी की अडियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के अनुपालन में उठाया गया, जिसमें उन्हें मेडिकल जांच और इलाज के लिए अस्पताल भेजने का निर्देश दिया गया था।

पृष्ठभूमि: सुप्रीम कोर्ट का आदेश

इमरान खान को अस्पताल स्थानांतरित करने का फैसला मंगलवार, 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ द्वारा जारी अंतरिम आदेश के बाद लिया गया। जस्टिस शाहिद वहीद की अध्यक्षता वाली पीठ में जस्टिस नईम अख्तर अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम भी शामिल थे।
पीठ इमरान खान की बहन डॉ. उजमा खान, उनके वकील उजैर भंडारी और PTI के महासचिव सलमान अकरम राजा द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में 73 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री के लिए बेहतर चिकित्सा उपचार और परिवार से मुलाकात की सुविधा की मांग की गई थी।
अदालत के लिखित आदेश में कहा गया था कि इमरान खान को अगले दो दिनों के भीतर शिफा इंटरनेशनल अस्पताल, इस्लामाबाद में स्थानांतरित किया जाए। अदालत ने उन्हें 16 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक अस्पताल में भर्ती रखने का भी निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की जांच और इलाज के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया, जिसमें एक फिजिशियन, जनरल सर्जन, इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ और हृदय रोग विशेषज्ञ को शामिल करने के निर्देश दिए गए।
जस्टिस शाहिद वहीद ने इमरान खान की मेडिकल रिपोर्टों पर गंभीर चिंता जताई थी। अदालत ने कहा कि रिपोर्टों में उनके महत्वपूर्ण अंगों पर तनाव के संकेत सामने आए हैं, जिनमें अनियमित नब्ज और हृदय संबंधी रीडिंग भी शामिल हैं। अदालत ने माना कि केवल नियमित मेडिकल सारांश पर्याप्त नहीं है।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि इमरान खान के निजी चिकित्सक डॉ. फैसल सुल्तान और उनकी बहन डॉ. उजमा खान को उनकी मेडिकल जांच और इलाज की प्रक्रिया से जुड़े रहने की अनुमति दी जाए।
इसके अलावा इमरान खान को सप्ताह में एक बार अपने परिवार से मिलने और लंदन में रहने वाले अपने दोनों बेटों से सप्ताह में दो बार फोन पर बात करने की अनुमति देने के निर्देश भी दिए गए।
अदालत ने स्पष्ट किया कि इमरान खान की मेडिकल रिपोर्टों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाए। अदालत ने चेतावनी दी कि उसके निर्देशों का उल्लंघन होने की स्थिति में उन्हें दी गई सुविधाएं वापस ली जा सकती हैं।

सरकार ने आदेश को दी चुनौती

संघीय सरकार ने शुरुआत में इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल स्थानांतरित करने के आदेश का विरोध किया। इस्लामाबाद के मुख्य आयुक्त कार्यालय की ओर से स्थानांतरण के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने अधूरे दस्तावेजों के आधार पर याचिका वापस कर दी। सूत्रों के मुताबिक आवश्यक संशोधनों के बाद इसे दोबारा दायर किया जा सकता है।
एक वरिष्ठ संघीय मंत्री ने अलग से संकेत दिया कि यदि किसी सरकारी अस्पताल में पर्याप्त इलाज उपलब्ध नहीं हुआ तो सरकार निजी अस्पताल या जरूरत पड़ने पर विदेश में इलाज के विकल्प पर भी विचार कर सकती है।

अस्पताल के आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम

इमरान खान को अस्पताल स्थानांतरित किए जाने से कुछ घंटे पहले इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक सैयद अली नासिर रिजवी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ शिफा इंटरनेशनल अस्पताल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
अस्पताल का सुरक्षा ऑडिट किया गया और वहां जाने वाली सड़कों पर पुलिस चौकियां स्थापित की गईं। सुरक्षा योजना को अंतिम रूप देने के लिए राजधानी प्रशासन, पुलिस, जेल अधिकारियों और रेंजर्स के अधिकारी भी मौके पर मौजूद बताए गए।
जमीनी स्थिति से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इमरान खान को ले जाने से पहले अडियाला जेल के आसपास के बाजार और दुकानें बंद करवा दी गईं तथा इलाके की स्ट्रीट लाइटें भी बंद की गईं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इमरान खान को अस्पताल ले जाने वाले बड़े सुरक्षा काफिले में कथित तौर पर 18 वाहन और चार एंबुलेंस शामिल थीं। इमरान खान को अस्पताल स्थानांतरित किए जाने की खबर के बाद रावलपिंडी में PTI कार्यकर्ताओं द्वारा आतिशबाजी कर खुशी मनाए जाने की खबरें भी सामने आईं।
हालांकि, 18 वाहनों, चार एंबुलेंसों, बाजारों और स्ट्रीट लाइटों को बंद किए जाने जैसे ये विवरण स्थानीय और मौके पर मौजूद सूत्रों पर आधारित हैं तथा खबर लिखे जाने तक स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि नहीं हो सकी थी।

अगस्त 2023 से हिरासत में हैं इमरान खान

इमरान खान अगस्त 2023 से हिरासत में हैं और अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में 14 साल की सजा काट रहे हैं। इमरान खान इस मामले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं।
उन्हें अप्रैल 2022 में संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था।
शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में उनका स्थानांतरण उनकी हिरासत की परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण लेकिन सीमित बदलाव है। इस आदेश से न तो उनकी सजा निलंबित हुई है, न उन्हें जमानत मिली है और न ही उनकी रिहाई का आदेश दिया गया है। इससे मुख्य रूप से उनका इलाज अदालत की अधिक निगरानी में आ गया है और परिवार से संपर्क की कुछ सुविधाएं बहाल हुई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इमरान खान का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड और शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में किए गए उनके इलाज का विवरण 16 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में अदालत के समक्ष पेश किया जाए।

Ali Imran Chattha
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