PAKISTAN-PIMS अग्निकांड: पीएम शहबाज शरीफ ने 8 अधिकारियों के निलंबन और आपराधिक कार्रवाई के दिए आदेश

PAKISTAN-PIMS अग्निकांड: पीएम शहबाज शरीफ ने 8 अधिकारियों के निलंबन और आपराधिक कार्रवाई के दिए आदेश

जांच में नवजात शिशु वार्ड की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आईं; बच्चे की जान बचाने वाली नर्स रजिया नूरीन को सितारा-ए-खिदमत और 1 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार

लाहौर , NAZRANA TIMES 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ ने शनिवार को पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के नवजात शिशु वार्ड में लगी आग की घटना के संबंध में जांच समिति द्वारा जिम्मेदार ठहराए गए आठ अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मंजूरी दे दी।
प्रधानमंत्री ने PIMS अग्निकांड को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि समिति द्वारा जिम्मेदार ठहराए गए लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित कानूनों के तहत आपराधिक कार्यवाही भी की जाए।

इन 8 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई

प्रारंभिक जांच के अनुसार कार्रवाई के दायरे में PIMS के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. इमरान सिकंदर, संयुक्त कार्यकारी निदेशक डॉ. मुताहिर शाह और चौधरी डॉ. वारिस अली शाह, नियोनेटल विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. सादिया रियाज, सीनियर रजिस्ट्रार डॉ. नगमा, डॉ. नौशीला अमजद, PIMS के सुरक्षा सहायक निदेशक मुहम्मद उस्मान और CDA इमरजेंसी सर्विसेज के महानिदेशक डॉ. अब्दुल रहमान शामिल हैं।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने निर्देश दिया कि जिम्मेदार पाए गए सभी लोगों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के आपराधिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने PIMS में तैनात सुरक्षा कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मंजूरी दी।

नर्स रजिया नूरीन को सितारा-ए-खिदमत और 1 करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना एक बच्चे की जान बचाने वाली नर्स रजिया नूरीन को सितारा-ए-खिदमत से सम्मानित करने के साथ 1 करोड़ रुपये (10 मिलियन रुपये) का नकद पुरस्कार देने की मंजूरी दी।

बैठक में बताया गया कि आग के पूरे वार्ड में फैलने से पहले नर्स ने बच्चे की जान बचाई।

प्रधानमंत्री ने वार्ड में मौजूद नर्स और एक महिला सुरक्षा गार्ड को ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) बनाने तथा मामले की आगे जांच करने के भी निर्देश दिए।

PIMS में नए कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक की नियुक्ति

प्रधानमंत्री ने नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) के CEO डॉ. मुहम्मद सलमान को PIMS का कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक नियुक्त करने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही जिन पदों से अधिकारियों को हटाया गया है, उन सभी पदों पर तत्काल नई नियुक्तियां करने के निर्देश भी दिए गए।

प्रधानमंत्री ने जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक करने को कहा। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट जल्द ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आपराधिक लापरवाही के जिम्मेदार लोग किसी रियायत के हकदार नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।

मासूम बच्चों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और पूरा देश शोक में है। उन्होंने पीड़ित बच्चों के माता-पिता के प्रति संवेदना व्यक्त की।

महज दो मिनट में पूरे वार्ड में फैली आग

बैठक के दौरान घटना की करीब दो मिनट की CCTV फुटेज भी दिखाई गई।
प्रारंभिक जांच के अनुसार PIMS में आग या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) या विशेष प्रशिक्षण की उचित व्यवस्था नहीं थी।
बैठक को बताया गया कि PIMS के 13 SOPs में से केवल दो उपखंडों में आग या आपातकालीन परिस्थितियों का उल्लेख था।
घटना के समय सुपरवाइजरी स्टाफ ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। उस समय वार्ड में दो नर्सें, एक महिला सुरक्षा गार्ड और एक हाउस ऑफिसर मौजूद थे।

ब्रीफिंग के मुताबिक आग ने महज दो मिनट में पूरे वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया।

आग लगने के छह मिनट बाद इमरजेंसी सेवाओं को फोन किया गया, जबकि पहली आपातकालीन टीम 15 मिनट बाद मौके पर पहुंची।
वार्ड में फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं था

बैठक में बताया गया कि इससे केवल एक महीने पहले जुलाई में PIMS के नर्सिंग हॉस्टल में भी आग लगी थी। इसके बावजूद अस्पताल में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के लिए कोई गंभीर कदम नहीं उठाए गए थे।
ब्रीफिंग के अनुसार नियोनेटल वार्ड में न तो फायर अलार्म था और न ही स्प्रिंकलर सिस्टम लगा था।
बैठक को यह भी बताया गया कि नियोनेटल वार्ड संबंधित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं पाया गया।
अस्पताल में आग या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए कोई विशेष अधिकारी नियुक्त नहीं था। एक सहायक निदेशक को अतिरिक्त जिम्मेदारी के रूप में यह काम सौंपा गया था।
बैठक में अस्पताल की खराब स्थिति और प्रशासनिक कुप्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी गई।
प्रधानमंत्री ने जांच समिति के प्रमुख शाहिद खान और उसके सभी सदस्यों का धन्यवाद करते हुए उन्हें जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बैठक में संघीय मंत्री अहसन खान चीमा, अताउल्लाह तरार और सैयद मुस्तफा कमाल, जांच समिति के प्रमुख शाहिद खान, समिति के सदस्य बैरिस्टर नबील अवान और मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) खुर्शीद उत्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

Ali Imran Chattha
Ali Imran Chattha
00923000688240
News Disclaimer:The news, articles and other materials published by Nazarana Times are based on the opinions of our reporters and writers. The institution is not responsible for the facts and names given in them and the institution does not necessarily agree with them.