पाकिस्तान–सऊदी रक्षा समझौता: खाड़ी में नई रणनीतिक धुरी

पाकिस्तान–सऊदी रक्षा समझौता: खाड़ी में नई रणनीतिक धुरी

पाकिस्तान–सऊदी रक्षा समझौता: क्षेत्र में नई सुरक्षा धुरी

रियाद,नज़राना टाइम्स,अली इमरान चठ्ठा 

प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ का रियाद आगमन बेहद भव्य रहा। उनके विमान को सऊदी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने एस्कॉर्ट किया। अल-यमामा पैलेस में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने लाल कालीन और सैन्य गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत किया। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल असीम मुनीर भी समारोह में मौजूद रहे।

रणनीतिक रक्षा समझौता

समझौते के तहत दोनों देश किसी भी बाहरी आक्रमण का संयुक्त जवाब देंगे, सैन्य प्रशिक्षण, खुफिया साझेदारी और संयुक्त अभ्यास को गहरा करेंगे। यह स्वरूप में NATO अनुच्छेद-5 जैसा है लेकिन अनुपालन को जानबूझकर अस्पष्ट रखा गया है।

पाकिस्तान के लिए महत्व

पाकिस्तान के लिए यह समझौता प्रतिष्ठा और सामरिक शक्ति का प्रतीक है। इससे उसे खाड़ी सुरक्षा में औपचारिक भूमिका और सऊदी वित्तीय समर्थन में अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

सऊदी अरब की नई सुरक्षा नीति

ईरान और इज़राइल के बीच तनाव को देखते हुए रियाद अपने सुरक्षा सहयोगियों को विविध बना रहा है। पाकिस्तान जैसे परमाणु शक्ति मुस्लिम देश को शामिल कर सऊदी अरब ने वाशिंगटन से स्वतंत्र रणनीति का संदेश दिया।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत ने कहा कि वह “परिणामों का अध्ययन कर रहा है,” लेकिन कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी कि यह समझौता भारत की सुरक्षा चुनौतियों को बढ़ा सकता है। सऊदी अरब ने हालांकि भारत को भरोसा दिलाया है कि रिश्ते मजबूत बने रहेंगे।

जोखिम और क्षेत्रीय प्रभाव

यह समझौता रोकथाम के लिए मजबूत संकेत है, लेकिन अस्पष्टता के कारण संकट में गलतफहमी भी पैदा कर सकता है। क्षेत्रीय संदेश साफ है—सऊदी सुरक्षा अब सिर्फ पश्चिम पर निर्भर नहीं और पाकिस्तान खाड़ी में नई भूमिका निभा रहा है।

Ali Imran Chattha
Ali Imran Chattha
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