गुरु अर्जन देव जी का शहीदी जोर मेला आज गुरुद्वारा डेरा साहिब में; सिख श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान की व्यवस्थाओं की सराहना की
- इंटरनेशनल
- 15 Jun, 2026 03:00 PM (Asia/Kolkata)
लाहौर, 15 जून: अली इमरान चठ्ठा
पांचवें सिख गुरु, श्री गुरु अर्जन देव जी ਦੇ ਸ਼ਹੀਦੀ ਦਿਹਾੜੇ ਦੀ ਯਾਦ ਵਿੱਚ ਹਰ ਸਾਲ ਮਨਾਏ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਸ਼ਹੀਦੀ ਜੋੜ ਮੇਲੇ ਦਾ ਮੁੱਖ ਸਮਾਗਮ ਮੰਗਲਵਾਰ (16 जून) ਨੂੰ ਲਾਹੌਰ ਸਥਿਤ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਡੇਰਾ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) तथा धार्मिक मामलों एवं अंतरधार्मिक सद्भाव मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।
धार्मिक समागम सुबह 9:30 बजे शुरू होगा, जिसमें भारत से आए सैकड़ों सिख यात्री तथा पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु भाग लेंगे। श्रद्धालु गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, जिन्हें सिख धर्म के प्रथम आधिकारिक ग्रंथ आदि ग्रंथ के संकलन और 1606 में दिए गए महान बलिदान के लिए सम्मानपूर्वक याद किया जाता है।
समारोह में पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के अध्यक्ष एवं पंजाब के मानवाधिकार तथा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सरदार रमेश सिंह अरोड़ा, ईटीपीबी चेयरमैन कमर-उज़-ज़मान, अतिरिक्त सचिव (श्राइन्स) नासिर मुश्ताक, पीएसजीपीसी के सदस्य तथा भारत से आए सिख श्रद्धालु शामिल होंगे।
समारोह के दौरान अखंड पाठ के भोग, कीर्तन दरबार, अरदास और विश्व शांति, अंतरधार्मिक सद्भाव तथा मानवता की भलाई के लिए विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जाएंगी।
लाहौर किले के निकट स्थित गुरुद्वारा डेरा साहिब सिख इतिहास में विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह वही स्थान माना जाता है जहां गुरु अर्जन देव जी ने शहादत प्राप्त की थी। हर वर्ष यहां हजारों श्रद्धालु शहीदी गुरपुरब के अवसर पर पहुंचते हैं।
भारतीय सिख यात्रियों की 10 दिवसीय यात्रा 10 जून को वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान आगमन के साथ शुरू हुई थी। इस दौरान यात्रियों ने ननकाना साहिब स्थित गुरुद्वारा जन्म अस्थान, फरीदाबाद के निकट गुरुद्वारा सच्चा सौदा, हसन अब्दाल का गुरुद्वारा पंजा साहिब, नारोवाल का गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर और एमिनाबाद का गुरुद्वारा रोहड़ी साहिब सहित अनेक पवित्र स्थलों के दर्शन किए।
मुख्य समारोह में भाग लेने के बाद यात्री 19 जून को वाघा सीमा के रास्ते भारत लौटेंगे।
यात्रा के दौरान भारतीय सिख श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान सरकार, ईटीपीबी और पीएसजीपीसी द्वारा किए गए प्रबंधों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने आवास, परिवहन, लंगर, सफाई व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों की सराहना की।
भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन द्वारा ठंडे पानी के स्टॉल, चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस सेवाएं, आपातकालीन सहायता दल और 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
कई श्रद्धालुओं ने ईटीपीबी चेयरमैन कमर-उज़-ज़मान, अतिरिक्त सचिव नासिर मुश्ताक और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान में स्थित सिख धार्मिक स्थलों का संरक्षण और रखरखाव लगातार बेहतर हो रहा है।
शहीदी जोड़ मेला सिख धार्मिक कैलेंडर के सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक माना जाता है और यह बलिदान, आस्था तथा धार्मिक स्वतंत्रता का प्रतीक है। यह आयोजन पाकिस्तान की ओर से अल्पसंख्यक धार्मिक विरासत के संरक्षण, अंतरधार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने तथा दुनिया भर के सिख श्रद्धालुओं को उनके पवित्र स्थलों तक पहुंच प्रदान करने के प्रयासों को भी दर्शाता है।
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