सठियाला में पश्चाताप समागम में संगत का बड़ा एकत्र

सठियाला में पश्चाताप समागम में संगत का बड़ा एकत्र

अमृतसर, 10 मार्च – नज़राना टाइम्स ब्यूरो
 

आज जिला अमृतसर के गाँव सठियाला के गुरुद्वारा साहिब में हाल ही में हुई श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटना के पश्चात पश्चाताप स्वरूप रखे गए अखंड पाठ साहिब के भोग समागम में बड़ी संख्या में पंथक जत्थेबंदियाँ और सिख संगत एकत्रित हुई।

पहले लिए गए फैसले के अनुसार पंथक संगठनों ने गाँव सठियाला को गुरुद्वारों के प्रबंध में सुधार के लिए दो दिन का समय दिया था, क्योंकि बार-बार हो रही बेअदबी की घटनाओं का मुख्य कारण प्रबंधकीय कमी और लापरवाही बताया गया। गाँव के लोगों ने 18 गुरुद्वारों की सूची तैयार कर उनके कमेटी प्रधानों के नाम दर्ज किए, जिसे प्रबंध सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम माना गया।

पंथक संगठनों की पिछली बैठक में यह भी चर्चा हुई थी कि यदि प्रबंध में सुधार नहीं हुआ तो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा। लेकिन आज की सभा में कमेटी सदस्यों ने प्रबंध सुधारने का आश्वासन दिया, इसलिए फिलहाल स्वरूपों को वहीं रखने का निर्णय लिया गया। यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि कोई गलती करने वाला व्यक्ति पश्चाताप करके शरण में आ जाता है, तो सिख मर्यादा के अनुसार उसे स्वीकार करना चाहिए।
संगत ने चिंता व्यक्त की कि पिछले लगभग 10–15 वर्षों से बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए कोई प्रभावी नियम या निगरानी प्रणाली नहीं बनाई गई है। इसका मुख्य कारण लापरवाही और गुरुद्वारों में उचित सुरक्षा व्यवस्था का अभाव बताया गया। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दिन-रात पहरेदारी, सीसीटीवी कैमरे और जवाबदेह प्रबंधन प्रणाली को आवश्यक बताया गया।

सठियाला में पश्चाताप समागम में संगत का बड़ा एकत्र
  • अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार, एसजीपीसी अध्यक्ष तथा हरियाणा व दिल्ली कमेटी की अनुपस्थिति पर संगत में भारी रोष
  • बिना पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बेअदबी की घटनाएँ नहीं रुक सकतीं – सुखजीत सिंह खोसे

 

आज की सभा में दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए:
 

1. बेअदबी मामले में चिन्हित आरोपी, जो इसी गाँव का निवासी है, उसे किसी भी स्तर पर जमानत न दिलाई जाए और गाँव के लोग उसका सामाजिक बहिष्कार करें।
 

2. यदि कोई सरपंच, पंच या अन्य व्यक्ति उसकी जमानत के लिए आगे आता है तो गाँव वाले उसका भी सामाजिक बहिष्कार करेंगे।

अगली पंथक बैठक 20 मार्च को गाँव सठियाला में रखी गई है, जिसमें सिख संगठनों की संयुक्त बैठक के रूप में आगे की कार्रवाई और पूरे प्रदेश में प्रबंध व्यवस्था पर चर्चा की जाएगी।

सभी संगठनों ने संकल्प लिया कि जहाँ भी गुरुद्वारों में प्रबंधकीय कमी, लापरवाही या असुरक्षा के कारण बेअदबी का खतरा पैदा होता है, वहाँ से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
संगत ने इस बात पर भी गहरा दुख और रोष व्यक्त किया कि अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधि आज की सभा में उपस्थित नहीं हुए, जबकि यह गुरुद्वारा संबंधित प्रबंधकीय नियमों के अधीन आता है। संगत ने इसे संगत को लावारिस छोड़ने के बराबर बताते हुए कड़ा रोष प्रकट किया।

यह भी घोषणा की गई कि यदि भविष्य में सठियाला या किसी अन्य स्थान पर इस प्रकार की घटना दोबारा हुई और प्रबंध में सुधार नहीं हुआ, तो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप वहाँ से ले जाकर केवल उन्हीं स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे जहाँ पूरा सम्मान, सुरक्षा और निरंतर पहरेदारी सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर भाई अमरीक सिंह अजनाला, भाई सुखजीत सिंह खोसे, भाई गुरप्रीत सिंह (टावर मोर्चा समाना), भाई सतनाम समसा, बाबा बहोड़ सिंह (दमदमी टकसाल मेहता), ज्ञानी तेजबीर सिंह (दमदमी टकसाल के विद्यार्थी), भाई मोहन सिंह, भाई बलविंदर सिंह, भाई हरीश सिंह, भाई निशान सिंह सियालका, तथा गाँव सठियाला की सभी प्रबंधक कमेटियों, पंचायतों और विभिन्न सिख संगठनों के नेता उपस्थित थे।

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