संघर्षविराम पर संकट, इस्लामाबाद वार्ता बेनतीजा
- इंटरनेशनल
- (Asia/Kolkata)
नज़राना टाइम्स | 12 अप्रैल 2026 | इस्लामाबाद
अली इमरान चठ्ठा
अमेरिका–ईरान वार्ता विफल, संघर्षविराम पर संकट
लगभग 21 घंटे चली मैराथन बातचीत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय वार्ता शनिवार देर रात विफल हो गई, जिससे नाजुक संघर्षविराम टूटने के कगार पर पहुंच गया है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका है।
दिन की शुरुआत में ही स्थिति तब गंभीर हो गई जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कड़ी और सत्यापन योग्य पाबंदियां जरूरी हैं।
यह वार्ता इस्लामाबाद में पाकिस्तान की मेजबानी में हुई और इसे दोनों देशों के बीच दशकों की सबसे महत्वपूर्ण बातचीत माना जा रहा था।
मुख्य विवाद
परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका ने यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह रोकने की मांग की, जबकि ईरान ने सीमित कार्यक्रम जारी रखने की बात कही।
प्रतिबंध: अमेरिका चरणबद्ध राहत चाहता था, जबकि ईरान तत्काल हटाने पर अड़ा रहा।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य: ईरान ने किसी भी प्रतिबंध को अस्वीकार किया।
क्षेत्रीय भूमिका: दोनों देशों के बीच मतभेद जारी रहे।
मुआवजा: ईरान की मांगों को खारिज कर दिया गया।
संघर्षविराम खतरे में
वार्ता विफल होने से दो सप्ताह पुराना संघर्षविराम खतरे में पड़ गया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जल्द कूटनीतिक प्रयास न हुए तो स्थिति बिगड़ सकती है।
तेल बाजार में तुरंत असर देखा गया और कीमतों में तेजी आई।
वैश्विक प्रतिक्रिया
मध्य पूर्व और दुनिया के कई देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कई देशों ने सैन्य तैयारी बढ़ा दी है, जबकि वैश्विक शक्तियों ने संयम की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आगे की वार्ता की कोई स्पष्ट योजना न होना जोखिम को और बढ़ाता है।
अब नजर इस बात पर है कि क्या कूटनीतिक प्रयास दोबारा शुरू होंगे या क्षेत्र एक और संकट की ओर बढ़ेगा।
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