भाजपा देश के मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए वंदे मातरम का सहारा लेकर लोगों का ध्यान भंग कर रही है, सुभाष भार्गव

भाजपा देश के मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए वंदे मातरम का सहारा लेकर लोगों का ध्यान भंग कर रही है, सुभाष भार्गव

कपूरथला 19 अगस्त गौरव मढिया 

जब जब देश के महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा या फिर लोकसभा के आम चुनाव आते हैं तब तब भारतीय जनता पार्टी का आईटी सेल और उससे जुड़ा हुआ सारा तंत्र मिलकर लोगों का ध्यान भंग करने के उद्देश्य से कोई ना कोई ऐसा मुद्दा लोगों के सामने ले ही आते हैं जिससे जनता का ध्यान मुख्य मुद्दौं से हट जाए,

और यह पहली बार नहीं हुआ है केंद्र में पिछले 12 वर्षों के भारतीय जनता पार्टी के शासन को देखें तो 2014 से लेकर अब तक एक के बाद एक इसी तरह के बेबुनियाद मुद्दे उठाकर लोगों का ध्यान भंग किया जाता रहा है,

विशेषकर जब संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से जनता से जुड़े मुद्दों पर सवाल करते हैं कि प्रधानमंत्री जी बताइए 300 का सिलेंडर हजार पार हो गया है 60₹ प्रति लीटर मिलने वाला पेट्रोल 100 के पार हो गया है 55 रुपए का डॉलर 95 रुपए पर आ गया है और अन्य वस्तुओं के दाम आसमान छूने की बात जब राहुल गांधी प्रधानमंत्री के सामने करते हैं तो भाजपा का यह तंत्र मशीन की भांती कार्य पर लग जाता है,

हाल ही में भाजपा द्वारा वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस नेताओं के ऊपर उठाए गए बेबुनियाद सवालों को लेकर पंजाब प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष सुभाष भार्गव ने सख्त नोटिस लेते हुए प्रेस के नाम जारी अपने वक्तव्य में भाजपा के नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि वह कांग्रेस पार्टी को वंदे मातरम का महत्व ना समझाएं तो ही उनके लिए बेहतर होगा,

भार्गव ने बताया की भाजपा के नेताओं को इसके लिए 100 साल लग जाएंगे तब भी वंदे मातरम आप लोगों के समझ में नहीं आएगा उन्होंने कहा कि भाजपा के जो नेता आज वंदे मातरम का गुणगान कर रहे हैं वह वंदे मातरम आज से 130 वर्ष पहले पहली बार कांग्रेस के अधिवेशन में ही गाया गया था और कांग्रेस के ही कार्यकाल में 1950 में इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा भी तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के शासनकाल के दौरान दिया गया था,

इतना ही नहीं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने एक बार कांग्रेस के अधिवेशन में वंदे मातरम के महत्व को समझाते हुए यह कहा था की एक दूसरे से मिलते समय वंदे मातरम बोलना हमें आत्मिक रूप से गौरवान्वित करता है,
भार्गव ने कहा कि यह कांग्रेस ही थी जिसने देश की आजादी की लड़ाई लड़ते समय अंग्रेजों के प्रतिबंध के बावजूद प्रभात फेरिया निकालते समय देश का तिरंगा हाथ में लेकर वंदे मातरम गाते हुए गलियों से निकलते थे उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस अंग्रेजों की लाठिओं और गोलियों के सामने वंदे मातरम गाने से नहीं डरी उस कांग्रेस को आप वंदे मातरम का पाठ पढ़ाओगे भार्गव ने कहा कि मैं चैलेंज करता हूं कि भाजपा का कोई एक भी नेता वंदे मातरम कंठसत याद करके आकर के हमारे साथ मुकाबला कर ले जो कंठसत बिना रुके वंदे मातरम गा जाएगा हम उसे जीता हुआ मानेंगे अन्यथा भाजपा यह बेबुनियाद ब्यानबाजी बंद करे,

Gaurav Maria
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