भारत के निराधार आरोपों को पाकिस्तान ने सख़्ती से किया खारिज, भारत के आतंक रिकॉर्ड को किया उजागर

भारत के निराधार आरोपों को पाकिस्तान ने सख़्ती से किया खारिज, भारत के आतंक रिकॉर्ड को किया उजागर

इस्लामाबाद (नज़राना टाइम्स) अली इमरान चठ्ठा 
 

पाकिस्तान सरकार ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के हालिया गैर-जिम्मेदाराना बयानों को सख़्ती और स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है, जिनमें उन्होंने पाकिस्तान को “बुरा पड़ोसी” कहने का प्रयास किया। ये निराधार आरोप भारत की अपनी राज्य-प्रायोजित आतंकवादी गतिविधियों और क्षेत्रीय अस्थिरता से अंतरराष्ट्रीय ध्यान हटाने की कोशिश हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर द्वारा पाकिस्तान को आतंकवाद का स्रोत बताने वाला बयान न केवल झूठा है, बल्कि वास्तविकता को जानबूझकर उलट कर पेश करता है। पाकिस्तान दशकों से आतंकवाद का सबसे बड़ा शिकार रहा है, जिसका बड़ा हिस्सा हमारी पूर्वी सीमा पार से योजनाबद्ध और समर्थित किया गया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत की पाकिस्तान में हस्तक्षेप और आतंकवादी तत्वों को समर्थन देने की सच्चाई से भली-भांति परिचित है।
कुलभूषण जाधव मामला: भारतीय आतंकवाद का ठोस प्रमाण
पाकिस्तान का रुख़ ठोस सबूतों पर आधारित है, जिनमें कुलभूषण जाधव का मामला प्रमुख है। भारतीय नौसेना के सेवारत अधिकारी को 2016 में अवैध रूप से पाकिस्तान में प्रवेश करने के बाद गिरफ़्तार किया गया। उसकी स्वीकारोक्ति और प्रस्तुत प्रमाणों ने पाकिस्तान के खिलाफ राज्य-प्रायोजित आतंकवाद को बेनकाब किया। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में कानूनी दांव-पेच इस सच्चाई को मिटा नहीं सकते।
क्षेत्र में भारत का विनाशकारी एजेंडा
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भारत की आक्रामक नीतियों के एक व्यापक पैटर्न की ओर ध्यान दिलाया है, जिनमें शामिल हैं:
• आतंकवाद को समर्थन: कुलभूषण जाधव के अलावा, भारत पर पाकिस्तान में लक्षित हत्याओं, तोड़फोड़ और आतंकी नेटवर्कों को समर्थन देने के गंभीर आरोप हैं।
• कश्मीर पर अवैध कब्ज़ा: जम्मू-कश्मीर में भारत का क्रूर सैन्य कब्ज़ा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का खुला उल्लंघन है। कश्मीरी जनता के आत्मनिर्णय के वैध संघर्ष को बलपूर्वक दबाया जा रहा है। पाकिस्तान कश्मीरियों के न्यायपूर्ण संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
• जल सुरक्षा को खतरा: सिंधु जल संधि को लेकर भारत का धमकीपूर्ण रवैया गंभीर चिंता का विषय है। यह एक बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता है और इसकी एकतरफा अवहेलना क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा होगी।
हिंदुत्व-प्रेरित आक्रामक सोच
पाकिस्तान की सख़्त प्रतिक्रिया भारत की हिंदुत्व-प्रेरित चरमपंथी विचारधारा के कारण आवश्यक हो गई है, जो क्षेत्रीय वर्चस्व, अल्पसंख्यकों के दमन और राज्य-स्तरीय आतंकवाद को बढ़ावा देती है। पाकिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा करता रहेगा, भारत की अस्थिरकारी गतिविधियों को उजागर करेगा और अंतरराष्ट्रीय कानून व संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुसार कश्मीर सहित सभी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता रहेगा।

Ali Imran Chattha
Ali Imran Chattha
00923000688240
News Disclaimer:The news, articles and other materials published by Nazarana Times are based on the opinions of our reporters and writers. The institution is not responsible for the facts and names given in them and the institution does not necessarily agree with them.