"हम प्यार और शांति का संदेश लेकर लौट रहे हैं" : भारतीय सिख श्रद्धालुओं की 10 दिवसीय पाकिस्तान यात्रा संपन्न

"हम प्यार और शांति का संदेश लेकर लौट रहे हैं" : भारतीय सिख श्रद्धालुओं की 10 दिवसीय पाकिस्तान यात्रा संपन्न

ईटीपीबी और पीएसजीपीसी ने वाघा बॉर्डर पर श्रद्धालुओं को दी विदाई

गुरुद्वारों की सुरक्षा और सौंदर्यीकरण की श्रद्धालुओं ने की सराहना

महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि पर 21 जून को भारत से एक और जत्था पाकिस्तान पहुंचेगा

लाहौर (नज़राना टाइम्स): श्री गुरु अर्जन देव जी के जोड़ मेले में भाग लेने के लिए पाकिस्तान आए भारतीय सिख श्रद्धालुओं का जत्था अपनी 10 दिवसीय धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद बुधवार को वाघा सीमा के रास्ते भारत लौट गया।
श्रद्धालुओं को विदा करने के लिए इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) के चेयरमैन क़मर-उज़-ज़मान तथा पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के अध्यक्ष सरदार रमेश सिंह अरोड़ा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी वाघा सीमा पर मौजूद रहे।
जत्थे के नेता सरदार भूपिंदर सिंह ने पाकिस्तान सरकार और प्रबंधन का धन्यवाद करते हुए कहा कि पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारे पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सुंदर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने साथ प्रेम, शांति और धार्मिक सौहार्द का संदेश लेकर भारत लौट रहे हैं।
ईटीपीबी के चेयरमैन क़मर-उज़-ज़मान ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के विज़न के अनुरूप सरकार सिखों के पवित्र धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, संरक्षण और विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भारत से सिख श्रद्धालुओं का एक और जत्था 21 जून को वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान पहुंचेगा।
वापस लौट रहे श्रद्धालुओं ने अपने प्रवास के दौरान उपलब्ध कराई गई परिवहन, चिकित्सा सुविधाओं, लंगर व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों के लिए पाकिस्तान सरकार तथा संबंधित संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।

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