कपूरथला की माल रोड पर स्थित ऐतिहासिक इमारत पर नाजायज काबिज जगजीत क्लब का मामला पहुंचा सीएम दरबार में।

कपूरथला की माल रोड पर स्थित ऐतिहासिक इमारत पर नाजायज काबिज जगजीत क्लब का मामला पहुंचा सीएम दरबार में।

कपूरथला 19 जून गौरव मढिया 
शहर के मॉल रोड पर स्थित ऐतिहासिक सरकारी धरोहर पर जगजीत क्लब संस्था द्वारा नाजायज रूप से कब्जा करने और इसका व्यावसायिक दुरुपयोग करने का एक गंभीर मामला सीधे मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंच गया है। ह्यूमन राइट्स प्रेस क्लब के प्रधान ने इस संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और राज्यपाल को एक शिकायत भेजकर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
डिप्टी कमिश्नर के नाम और पद का गलत इस्तेमाल :- ह्यूमन राइट्स प्रेस क्लब के प्रधान ने आरोप लगाया है कि कपूरथला रियासत के शाही परिवार से संबंधित इस ऐतिहासिक इमारत पर जगजीत क्लब संस्था ने गैर-कानूनी ढंग से कब्जा जमाया हुआ है। इस जगजीत क्लब संस्था की कमेटी द्वारा कपूरथला के डिप्टी कमिश्नर (जो कि पदेन चेयरमैन होते हैं) के नाम और पद का लगातार गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि हकीकत में वर्तमान में इस पर प्रशासन का कोई वास्तविक नियंत्रण नहीं है।
अवैध निर्माण और बिना लाइसेंस शराब परोसने का आरोप :- शिकायत में यह भी खुलासा किया गया है कि जगजीत क्लब संस्था द्वारा इस सरकारी संपत्ति का उपयोग अपने निजी फायदे के लिए फंड जुटाने में किया जा रहा है। धरोहर से छेड़छाड़ करते हुए नगर निगम से कोई भी साइट प्लान पास करवाए बिना, इमारत के ऐतिहासिक स्वरूप को बिगाड़कर धड़ल्ले से अवैध निर्माण किया जा रहा है, जिससे इस प्राचीन धरोहर को भारी नुकसान पहुँच रहा है। इसके अलावा, जगजीत क्लब संस्था द्वारा अंदर चल रहे बैडमिंटन कोर्ट से अवैध रूप से मासिक आय जेनरेट की जा रही है और क्लब के कमरों के भीतर कथित तौर पर अवैध रूप से शराब परोसी जा रही है, जिससे बिना किसी लाइसेंस और सरकारी फीस के आबकारी विभाग को सीधे तौर पर लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।


 प्राइवेट फर्म को दे दी जगह, हर महीने 35,000 रुपये की अवैध वसूली
आरटीआई और नगर निगम के सरकारी दस्तावेजों से यह बड़ा खुलासा हुआ है कि 30 जुलाई 2024 को जगजीत क्लब संस्था की ओर से मालविंदर सिंह चाहल नामक व्यक्ति ने एक निजी फर्म के साथ 9 साल का अवैध लीज एग्रीमेंट कर लिया। इसके तहत एक प्रसिद्ध पिज्जा आउटलेट खोलने के लिए 35,000 रुपये प्रति माह पर सरकारी जगह किराए पर दे दी गई और 2,10,000 रुपये सिक्योरिटी के रूप में भी वसूले गए। राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, इस जमीन पर किसी भी निजी लीज या एग्रीमेंट का कोई कानूनी अधिकार दर्ज नहीं है।
तुरंत खाली कराने और पर्चा दर्ज करने की मांग :-ह्यूमन राइट्स प्रेस क्लब के प्रधान ने मुख्यमंत्री से पुरजोर मांग की है कि राजस्व और पुलिस अधिकारियों को तुरंत निर्देश जारी कर इस ऐतिहासिक इमारत को जगजीत क्लब संस्था और नाजायज किरायेदारों से तुरंत खाली कराया जाए। उन्होंने मांग की कि सरकारी संपत्ति की रक्षा के लिए भारतीय न्याय संहिता के तहत दोषियों पर सख्त कानूनी पर्चा दर्ज किया जाए और इस इमारत को उसके पुराने ऐतिहासिक स्वरूप में बहाल किया जाए। इस शिकायत की कॉपियां वित्त विभाग के मुख्य सचिव, स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर और डिप्टी कमिश्नर कपूरथला को भी आगामी सख्त कार्रवाई हेतु भेजी जा चुकी हैं।
क्या कहते हैं डिप्टी कमिश्नर:इस पूरे मामले को लेकर जब कपूरथला के डिप्टी कमिश्नर आकाश बंसल से बात की गई तो उन्होंने कहा, "मेरे पास यह शिकायत सीएम हाउस से भी आई है, सीधे भी आई है और इसकी जांच के लिए जीए (General Assistant) को नियुक्त किया गया है और वह इस सारे मामले की जांच करके जो भी रिपोर्ट देंगे, उस पर कार्रवाई की जाएगी।"