“इस्लामाबाद प्रोसेस” शांति पहल के रूप में उभरा
- इंटरनेशनल
- 30 Apr, 2026 08:41 AM (Asia/Kolkata)
इस्लामाबाद अली इमरान चठ्ठा नज़राना टाइम्स
पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए अपनी कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने संघीय कैबिनेट को बताया कि सरकार क्षेत्र में तनाव कम करने और स्थिरता बनाए रखने के लिए मध्यस्थता प्रयास जारी रखे हुए है।
कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पाकिस्तान ने इस महीने की शुरुआत में वाशिंगटन और तेहरान के बीच अस्थायी युद्धविराम कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद इस्लामाबाद में उच्च स्तरीय वार्ता भी आयोजित की गई, जिसमें असिम मुनीर और इशाक डार सहित वरिष्ठ नेतृत्व शामिल रहा।
हालांकि लंबे समय तक चली वार्ताओं के बावजूद समुद्री पहुंच, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। हाल ही में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की इस्लामाबाद यात्रा भी संवाद को जारी रखने का हिस्सा थी, लेकिन अमेरिका के प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित अगला दौर स्थगित हो गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान एक निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेगा और संवाद के जरिए शांति कायम रखने की कोशिश करेगा। इस पहल को अब “इस्लामाबाद प्रोसेस” कहा जा रहा है।
कैबिनेट को वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रभाव पर भी जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के कदमों से आम जनता को राहत मिली है और अंतरराष्ट्रीय कीमतों के असर को सीमित किया गया है।
कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण नीतियों को मंजूरी दी, जिनमें राष्ट्रीय वैक्सीन निर्माण नीति शामिल है, जिसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना है। इसके साथ ही राष्ट्रीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी नीति और राष्ट्रीय बीज नीति 2025 को भी मंजूरी दी गई।
इसके अलावा राष्ट्रीय कौशल विकास नीति को भी स्वीकृति दी गई, जिससे युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
कैबिनेट ने संघीय शिक्षा निदेशालय के दैनिक वेतनभोगी शिक्षकों को नियमित करने का फैसला भी किया। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र की रिपोर्टों की समीक्षा की गई।
बैठक के अंत में संघीय मंत्री इमरान अहमद शाह की माता के निधन पर शोक व्यक्त किया गया और उनके परिवार के साथ संवेदना प्रकट की गई।
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