संशोधित राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग बिल संसद में पुनर्विचार के लिए भेजा गया

संशोधित राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग बिल संसद में पुनर्विचार के लिए भेजा गया

इस्लामाबाद अली इमरान चठ्ठा 

आईन-ए-सद्र में हुई उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार आयोग बिल, 2025 में संशोधनों पर व्यापक सर्वसम्मति हासिल की गई। संशोधित मसौदा अब संसद के आगामी संयुक्त सत्र में पुनर्विचार के लिए भेजा गया है।

ये संशोधन राष्ट्रपति के पहले संदेश के जवाब में तैयार किए गए थे, जो पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 75(1) के तहत संसद को भेजा गया था, और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को मज़बूत करने पर ज़ोर देता है।

बिल का उद्देश्य एक सांविधिक आयोग स्थापित करना है, जो अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा करे, उनकी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे और भेदभाव से बचाए। यह आयोग नीतियों के कार्यान्वयन की निगरानी, संबंधित कानूनों की समीक्षा और अधिकारों के उल्लंघन की स्वतंत्र जांच करने में सक्षम होगा।

अधिकारियों ने कहा कि आयोग में सभी प्रांतों और अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिससे समावेशिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होगी।

अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे पाकिस्तान में सांविधिक गारंटियों और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं की पूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

बिल अब संसद के संयुक्त सत्र में विस्तृत विचार-विमर्श के लिए संविधान प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा।

Ali Imran Chattha
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