सिख यात्रियों के लिए कड़ी सुरक्षा और विशेष आतिथ्य की व्यवस्था
- इंटरनेशनल
- (Asia/Kolkata)
लाहौर,नज़राना टाइम्स
अली इमरान चठ्ठा
इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के तहत आयोजित बैसाखी मेले के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भारत से सिख श्रद्धालु 10 अप्रैल को वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान पहुंचेंगे।
ये श्रद्धालु 19 अप्रैल तक पाकिस्तान में रहेंगे और ननकाना साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब हसन अब्दाल, गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर सहित अन्य पवित्र स्थलों के दर्शन करेंगे।
एडिशनल सेक्रेटरी श्राइनज़ नासिर मुश्ताक ने बताया कि संघीय सरकार और इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के चेयरमैन क़मर-उज़-ज़मान के निर्देशों के तहत सिख श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, आवास, भोजन और यात्रा की व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्हें उच्च स्तर की मेहमाननवाजी प्रदान की जाएगी।

चेयरमैन क़मर-उज़-ज़मान, पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार रमेश सिंह अरोड़ा, एडिशनल सेक्रेटरी नासिर मुश्ताक, प्रांतीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी वाघा बॉर्डर पर सिख श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे।
श्रद्धालुओं को कड़ी सुरक्षा के बीच तीन अलग-अलग बस काफिलों में गुरुद्वारा जन्म स्थान ननकाना साहिब ले जाया जाएगा। वहां वे ननकाना साहिब और सच्चा सौदा, फारूकाबाद के विभिन्न गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे।

इसके बाद 12 अप्रैल को वे हसन अब्दाल के लिए रवाना होंगे, जहां 14 अप्रैल को मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा।
15 अप्रैल को श्रद्धालु गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर (नरोवाल) पहुंचेंगे। 17 अप्रैल को वे गुरुद्वारा रोहरी साहिब, एमीनाबाद जाएंगे और फिर लाहौर पहुंचेंगे। 18 अप्रैल को वे गुरुद्वारा डेरा साहिब लाहौर में ठहरेंगे।
अंत में, 19 अप्रैल को अपना दौरा पूरा कर वे वाघा बॉर्डर के रास्ते वापस लौट जाएंगे।
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