नेपाली पत्रकारों की गिरफ्तारी की सार्क जर्नलिस्ट फोरम ने की निंदा, प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा की मांग

नेपाली पत्रकारों की गिरफ्तारी की सार्क जर्नलिस्ट फोरम ने की निंदा, प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा की मांग

काठमांडू (नज़राना टाइम्स): सार्क जर्नलिस्ट फोरम ने नेपाल में पत्रकारों की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए सरकार से प्रेस की स्वतंत्रता और मीडियाकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि पत्रकारों को अपनी पेशेवर जिम्मेदारियां स्वतंत्र और सुरक्षित ढंग से निभाने का माहौल मिलना चाहिए।

स्वतंत्र प्रेस लोकतंत्र की नींव: राजू लामा

फोरम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष राजू लामा ने कहा कि स्वतंत्र प्रेस लोकतंत्र के लिए खतरा नहीं, बल्कि उसकी मजबूत नींव है। उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा और मीडिया की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना प्रत्येक लोकतांत्रिक सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया।

संगठन ने अधिकारियों से संवैधानिक गारंटियों का सम्मान करने, उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाने और पत्रकारों को प्रतिशोध या धमकी के भय से मुक्त वातावरण देने की अपील की। फोरम ने दक्षिण एशिया में प्रेस की स्वतंत्रता, पेशेवर पत्रकारिता और पत्रकारों की एकजुटता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

न्यूज़रूम में पुलिस कार्रवाई पर चिंता

नेपाल स्थित प्रेस स्वतंत्रता संगठन फ्रीडम फोरम के अनुसार, पुलिस ने 30 अक्टूबर को काठमांडू में नेपाल प्रेस के पत्रकार बिश्वमणि सुबेदी, डीएनए खबर के धीरज बस्नेत और मोटिवेट न्यूज़ के शोभराज बराल को हिरासत में लिया। अधिकारी अन्य पत्रकारों की तलाश में नया पत्रिका और दीयो पोस्ट के कार्यालयों में भी पहुंचे।

फ्रीडम फोरम की 31 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, हिरासत में लिए गए पत्रकारों को कुछ घंटों बाद रिहा कर दिया गया। संगठन ने प्रकाशित खबरों और उनके स्रोतों के बारे में पूछताछ के लिए पत्रकारों को हिरासत में लेने के तरीके पर आपत्ति जताई।

पुलिस का पक्ष और प्रेस काउंसिल की मांग

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से कहा गया कि पत्रकारों को प्रकाशित खबरों की तथ्यात्मक शुद्धता और उनके आधार के बारे में जानकारी लेने के लिए बुलाया गया था।

प्रधानमंत्री के सचिवालय ने घटनाओं की पूर्व जानकारी या उनमें किसी भूमिका से इनकार किया और कहा कि पत्रकारों को रिहा करने के निर्देश दिए गए थे।

प्रेस काउंसिल नेपाल ने अधिकारियों से पुलिस कार्रवाई का कानूनी आधार स्पष्ट करने और प्रकाशित सामग्री से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए स्थापित प्रक्रियाएं अपनाने की मांग की। काउंसिल ने पत्रकारों और मीडिया संस्थानों से भी पेशेवर मानकों का पालन करने तथा सटीक और साक्ष्य-आधारित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने की अपील की।

News Disclaimer:The news, articles and other materials published by Nazarana Times are based on the opinions of our reporters and writers. The institution is not responsible for the facts and names given in them and the institution does not necessarily agree with them.