पाकिस्तान की पहली महिला मेट्रो ड्राइवर: निदा सालेह ने संभाली लाहौर ऑरेंज लाइन की कमान
- इंटरनेशनल
- (Asia/Kolkata)
NAZRANA TIMES
20 सितंबर, 2026
बचपन का सपना हुआ साकार
लाहौर — बचपन में निदा सालेह गुजरती ट्रेनों की आवाज और रफ्तार से बेहद प्रभावित होती थीं। आज 26 वर्ष की उम्र में वह पाकिस्तान की पहली महिला मेट्रो ट्रेन ड्राइवर बन चुकी हैं और लाहौर की ऑरेंज लाइन मेट्रो ट्रेन चला रही हैं, जो देश की सबसे व्यस्त और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों में से एक है।
उनकी नियुक्ति न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि लंबे समय से पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्र में लैंगिक रूढ़ियों को तोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
ट्रांसपोर्ट इंजीनियर से ट्रेन ड्राइवर तक
यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (UET) लाहौर से ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियरिंग में स्नातक निदा ने 2023 में ऑरेंज लाइन परियोजना में ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया।
मई 2024 में उन्होंने चीनी और पाकिस्तानी विशेषज्ञों की निगरानी में ट्रेन ड्राइवर का प्रशिक्षण शुरू किया। छह महीने का कठिन तकनीकी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने नवंबर 2024 में आधिकारिक रूप से अपनी जिम्मेदारी संभाली।
प्रशिक्षण के दौरान कई पुरुष सहकर्मियों ने उनकी क्षमताओं पर संदेह किया, लेकिन निदा अपने फैसले पर डटी रहीं। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, “मेरे लिए इस नौकरी की सबसे अच्छी बात निडर होकर काम करना और यह दिखाना था कि मैं कितनी सक्षम हूं।”
अपने सफर को याद करते हुए निदा ने कहा, “मैं सोचती थी कि मैं अपनी पसंद का क्षेत्र क्यों नहीं चुन सकती, कार्यस्थल पर अपनी क्षमता क्यों नहीं साबित कर सकती और लैंगिक भेदभाव से जुड़ी पारंपरिक सोच को चुनौती क्यों नहीं दे सकती। कुछ वर्षों बाद आज मैं खुशी से पाकिस्तान की पहली महिला मेट्रो ड्राइवर के रूप में काम कर रही हूं।”
चीनी और पाकिस्तानी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में निदा ने आधुनिक मेट्रो तकनीक के साथ सुरक्षा प्रणालियों और आपातकालीन प्रक्रियाओं में भी प्रशिक्षण हासिल किया।
उन्होंने अपनी जिम्मेदारी के बारे में कहा, “ट्रेन चलाना जरूरी नहीं कि बहुत कठिन काम हो, लेकिन इसमें पूरा ध्यान और अनुशासन जरूरी है। ट्रेन का नियंत्रण संभालने से पहले मैं सर्विसिंग और रखरखाव से जुड़े सभी हिस्सों की स्वयं जांच करती हूं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सब कुछ सुरक्षा और संचालन मानकों के अनुरूप है।”
परिवार की चिंताओं से आगे बढ़कर दूसरी महिलाओं के लिए खोले रास्ते
शुरुआत में निदा के परिवार को उनके इस गैर-पारंपरिक पेशे को लेकर चिंता थी। निदा के अनुसार, “शुरू में मेरे परिवार ने इस गैर-पारंपरिक क्षेत्र में जाने को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन मेरा जुनून और गंभीरता देखकर उन्होंने मेरा पूरा समर्थन किया।”
उनके माता-पिता पहले चाहते थे कि वह पारिवारिक व्यवसाय संभालें, लेकिन निदा के दृढ़ संकल्प को देखते हुए उन्होंने उनके फैसले का साथ दिया।
ऑरेंज लाइन परियोजना में काम करते समय निदा ने चीनी प्रबंधन से महिलाओं को भी ट्रेन ड्राइवर प्रशिक्षण में शामिल करने का अनुरोध किया। उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया गया और उन्हें उस भूमिका में आने का अवसर मिला, जिस पर पहले केवल पुरुष ही काम करते थे।
निदा की उपलब्धि के बाद 10 से 15 अन्य महिलाओं को भी ट्रेन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे पाकिस्तान के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में महिलाओं के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।
ऑरेंज लाइन मेट्रो — CPEC की प्रमुख परियोजना
ऑरेंज लाइन मेट्रो ट्रेन पाकिस्तान की पहली बिजली से चलने वाली रेल-आधारित सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है, जिसे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के ढांचे के तहत शुरू किया गया।
इस परियोजना का संयुक्त रूप से निर्माण चाइना रेलवे ग्रुप कॉरपोरेशन और चाइना नॉर्थ इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ने किया। मेट्रो ने 25 अक्टूबर 2020 को परिचालन शुरू किया था।
डेरा गुजरां से अली टाउन तक फैली इस मेट्रो लाइन की लंबाई 25.58 किलोमीटर है और इसके कुल 26 स्टेशन हैं। पांच वर्षों में इसने 27 करोड़ से अधिक यात्रियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई है। ट्रेन संचालन में समय-सारणी पालन और समयबद्धता की दर 99.9 प्रतिशत बताई गई है।
इस प्रणाली में वर्तमान में 1,000 से अधिक पाकिस्तानी कर्मचारी काम कर रहे हैं और स्थानीय कर्मचारियों की हिस्सेदारी 98 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
रेल परिवहन क्षेत्र के पेशेवर तैयार करने के लिए ऑरेंज लाइन मेट्रो ने पंजाब की टेक्निकल एजुकेशन एंड वोकेशनल ट्रेनिंग अथॉरिटी और पंजाब तियानजिन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी जैसी स्थानीय संस्थाओं के साथ सहयोग समझौते भी किए हैं।
ऑरेंज लाइन मेट्रो में महिलाओं के लिए अलग डिब्बों की व्यवस्था भी है, जिसका उद्देश्य महिला यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है।
परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
निदा की यह उपलब्धि ऐसे समय सामने आई है जब पाकिस्तान में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पाकिस्तान में महिला श्रमबल भागीदारी दर दुनिया की सबसे कम दरों में से एक बताई जाती है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार केवल 21 प्रतिशत महिलाएं कार्यबल का हिस्सा हैं। अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि लाहौर की 75 प्रतिशत महिलाएं सुरक्षित परिवहन उपलब्ध होने पर काम करने के लिए तैयार हैं।
पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ ने निदा की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा, “बेटियां किसी से कम नहीं हैं। उनके पेशेवर विकास के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जाते रहेंगे। निदा सालेह जैसी बेटियां हम सभी के लिए गर्व का स्रोत हैं।”
उन्होंने एक अधिक समावेशी और प्रगतिशील पंजाब बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जहां महिलाओं को आगे बढ़ने और नेतृत्व करने के समान अवसर मिल सकें।
दूसरी महिलाओं के लिए उम्मीद और हौसले का संदेश
निदा चाहती हैं कि उनकी उपलब्धि दूसरी महिलाओं के लिए उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत बने। उन्होंने कहा, “मेरा मुख्य उद्देश्य सामाजिक बदलाव लाना और पाकिस्तानी महिलाओं की भलाई में सुधार करना है। इसके साथ ही मैं दूसरों के लिए उम्मीद, साहस और प्रेरणा का स्रोत बनना चाहती हूं।”
निदा ने स्वीकार किया कि देश की पहली महिला मेट्रो ट्रेन ड्राइवर बनने का उनका सफर चीनी सहकर्मियों के सहयोग के बिना संभव नहीं था। उन्होंने उन्हें प्रशिक्षण देने और विश्वस्तरीय तकनीकी ज्ञान तथा मानक संचालन प्रक्रियाएं सिखाने के लिए लगातार मेहनत की।
निदा सालेह की सफलता को पाकिस्तान के परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही यह इस बात का उदाहरण भी है कि तकनीकी प्रशिक्षण और CPEC के तहत अंतरराष्ट्रीय सहयोग महिलाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल सकता है।
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