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महाराष्ट्र में सिख आनंद कारज विवाह अधिनियम लागू – ऐतिहासिक फैसला

07 Mar, 2025 05:46 PM
महाराष्ट्र में सिख आनंद कारज विवाह अधिनियम लागू – ऐतिहासिक फैसला

मुंबई, 6 मार्च 2025 (आवाज़ कान ब्यूरो)

महाराष्ट्र के सिख समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण घटना घटी है। महाराष्ट्र सरकार ने आधिकारिक रूप से सिख आनंद कारज विवाह अधिनियम को राज्य स्तर पर लागू करने की घोषणा कर दी है।

6 फरवरी 2025 को महाराष्ट्र राज्य पंजाबी साहित्य अकादमी और 11-सदस्यीय सिख समन्वय समिति द्वारा श्री रुदेश जीवनशी (आईएएस, सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग) को एक याचिका सौंपी गई थी। इस याचिका में सिख आनंद कारज विवाह अधिनियम को राज्य स्तर पर लागू करने और विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की गई थी।

महाराष्ट्र सरकार की त्वरित कार्रवाई

महाराष्ट्र सरकार ने इस मांग पर शीघ्रता से कार्यवाही करते हुए 25 फरवरी 2025 को एक आधिकारिक आदेश जारी किया। इस आदेश के तहत, महाराष्ट्र के सभी विभागीय आयुक्तों को यह निर्देश दिया गया कि सिख आनंद कारज विवाह अधिनियम को पूरे राज्य में लागू किया जाए।

3 मार्च 2025 को इस आधिकारिक आदेश की प्रति जारी की गई, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

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सिख समुदाय को मिलने वाले मुख्य लाभ

इस ऐतिहासिक फैसले से महाराष्ट्र के सिख समुदाय को कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होंगे:

✅ सरल विवाह पंजीकरण प्रक्रिया – अब नगरपालिका कार्यालयों में अलग-अलग आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होगी।

✅ सिख पहचान को मान्यता – आनंद कारज विवाह को अब सरकारी तौर पर मान्यता प्राप्त होगी।

✅ विवाह प्रमाणपत्र बिना किसी बाधा के जारी होगा – अब बिना किसी अनावश्यक देरी के विवाह प्रमाणपत्र मिल सकेगा।

✅ सिख धार्मिक अधिकारों की सुरक्षा – यह निर्णय सिख विवाह परंपराओं को कानूनी और प्रशासनिक मान्यता दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सम्माननीय प्रशासन के प्रति आभार

सिख समुदाय की ओर से महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस जी का हृदय से धन्यवाद किया गया है, जिन्होंने इस लंबे समय से लंबित मांग को पूरा किया।

इसके अलावा, अल्पसंख्यक विकास विभाग और महाराष्ट्र राज्य पंजाबी साहित्य अकादमी को भी धन्यवाद दिया गया है, जिन्होंने तेजी और संकल्प के साथ कार्यवाही करके यह ऐतिहासिक फैसला लिया।

ऐतिहासिक क्षण – सिख पहचान को मिली कानूनी मजबूती, दमदमी टकसाल मुखी का रहा प्रमुख योगदान 

यह महाराष्ट्र के सिखों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। आनंद कारज विवाह अधिनियम के लागू होने से धार्मिक अधिकारों की रक्षा, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार, और सिख विवाह के कानूनी पंजीकरण को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

दमदमी टकसाल प्रमुख  ज्ञानी हरनाम सिंह जी खालसा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी से निजी रूप से मुलाकात कर इस मांग को उठाया था, जिसके परिणामस्वरूप इस ऐतिहासिक निर्णय को मंजूरी मिली।

Posted By: GURBHEJ SINGH ANANDPURI

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