यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के इस्तेमाल की खबर का पाकिस्तान ने किया खंडन
सूचना मंत्रालय ने न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट को बताया ‘झूठी और मनगढ़ंत’, यमन में पाकिस्तानी हवाई हमलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
इस्लामाबाद, 8 अक्टूबर (नज़राना टाइम्स): पाकिस्तान ने अमेरिकी अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ में प्रकाशित उस रिपोर्ट का कड़ा खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि पाकिस्तान वायुसेना (PAF) के लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियानों में किया जा रहा है।
पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गुरुवार को जारी स्पष्टीकरण में इन आरोपों को ‘झूठा और मनगढ़ंत’ बताते हुए रिपोर्ट को खारिज कर दिया।
यह विवाद उस समय सामने आया जब न्यूयॉर्क टाइम्स ने पाकिस्तानी सेना से जुड़े एक अज्ञात सूत्र के हवाले से दावा किया कि पाकिस्तान वायुसेना के लड़ाकू विमान हूती ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में हिस्सा ले रहे हैं।
हालांकि, रिपोर्ट में ऐसा कोई सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके आधार पर यह पुष्टि हो सके कि पाकिस्तानी विमानों ने यमन में हवाई हमले किए हैं।
पाकिस्तान ने आरोपों को किया खारिज
पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने रिपोर्ट का खंडन करते हुए अज्ञात सैन्य सूत्र के हवाले से किए गए दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तानी सेना की तैनाती और सैन्य अभियानों से संबंधित जानकारी अधिकृत सरकारी माध्यमों से ही जारी की जाती है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब मध्य पूर्व में बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के बीच पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाया जा रहा है।
सऊदी अरब में पाकिस्तानी सैनिकों की मौजूदगी
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच लंबे समय से रक्षा संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण, सलाहकार सहायता और सुरक्षा सहयोग की व्यवस्थाएं पहले से मौजूद हैं।
पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी भी पहले सऊदी अरब में पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों की मौजूदगी की पुष्टि कर चुके हैं।
उनके अनुसार, ये तैनातियां दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का हिस्सा हैं।
हालांकि, सऊदी अरब में पाकिस्तानी सैनिकों की मौजूदगी का यह अर्थ नहीं निकाला जा सकता कि पाकिस्तान वायुसेना यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सीधे सैन्य हमलों में शामिल है।
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच रक्षा सहयोग
हाल के घटनाक्रम में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सैन्य समन्वय और सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धताओं को मजबूत करने पर सहमति जताई है।
इन व्यवस्थाओं में खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान, रक्षा तैयारियां और सैन्य समन्वय जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
हालांकि, इन रक्षा समझौतों को यमन के भीतर पाकिस्तान की ओर से सीधे आक्रामक सैन्य अभियानों में भागीदारी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
यमन में पाकिस्तानी हवाई हमलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
8 अक्टूबर तक सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई स्वतंत्र और सत्यापित प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे यह स्थापित हो सके कि पाकिस्तान वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने यमन में हूती ठिकानों पर हमले किए हैं।
एक ओर पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों का आधिकारिक रूप से खंडन किया है, जबकि दूसरी ओर न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में एक अज्ञात सैन्य सूत्र का हवाला दिया है।
स्वतंत्र साक्ष्यों के अभाव में यह दावा फिलहाल अपुष्ट है। साथ ही, केवल सरकारी खंडन के आधार पर यह भी निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि मूल रिपोर्ट पूरी तरह मनगढ़ंत थी।
मध्य पूर्व में पाकिस्तान की सैन्य भूमिका पर उठे सवाल
पाकिस्तान के सऊदी अरब के साथ पारंपरिक रूप से करीबी रक्षा संबंध रहे हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक बातचीत के महत्व पर भी जोर देता रहा है।
ताजा विवाद ने मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्थाओं में पाकिस्तान की वास्तविक सैन्य भूमिका को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान की भूमिका केवल रक्षा सहयोग, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता तक सीमित है या इसमें प्रत्यक्ष सैन्य अभियान भी शामिल हैं।
फिलहाल पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक रुख यही है कि यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के इस्तेमाल संबंधी दावे गलत हैं।
इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए अतिरिक्त स्वतंत्र साक्ष्यों और आधिकारिक जानकारी की आवश्यकता है।
Sorce -पाकिस्तान सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, 8 अक्टूबर 2026।
Posted By: Ali Imran Chattha