पाकिस्तान ने आर्थिक सुधारों के बदले IMF सहायता हासिल की
इस्लामाबाद (नज़राना टाइम्स, 8 मई 2026) अली इमरान चठ्ठा नज़राना टाइम्स
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान के लिए 1.2 अरब डॉलर की नई ऋण किश्त को मंजूरी दे दी है। इसमें 1 अरब डॉलर एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) और 20 करोड़ डॉलर रेज़िलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (RSF) के तहत शामिल हैं।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह राशि अगले सप्ताह पाकिस्तान को प्राप्त हो जाएगी, जिससे स्टेट बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार 17 अरब डॉलर से अधिक हो जाएंगे।
पाकिस्तान ने IMF की लगभग एक दर्जन नई शर्तों को स्वीकार किया है। सरकार ने युद्ध और क्षेत्रीय तनावों के बावजूद पहले से तय वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने का वादा किया है।
वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगज़ेब ने कहा कि पाकिस्तान आर्थिक स्थिरता, संस्थागत सुधार और दीर्घकालिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने माना कि महंगाई और सख्त आर्थिक नीतियों का असर आम जनता पर पड़ा है, इसलिए कमजोर वर्गों के लिए राहत उपाय बढ़ाए जाएंगे।
हालांकि पाकिस्तान अधिकांश आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने में सफल रहा, लेकिन फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) टैक्स वसूली के लक्ष्यों में पीछे रह गया। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने पेट्रोलियम लेवी बढ़ाने का फैसला किया है।
सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में भी बड़ा प्राथमिक बजट अधिशेष बनाए रखने का वादा किया है। साथ ही, अगला संघीय बजट IMF के साथ परामर्श करके तैयार किया जाएगा।
स्टेट बैंक ने महंगाई नियंत्रण के लिए ब्याज दर 11.5 प्रतिशत तक बढ़ा दी है और आवश्यकता पड़ने पर इसे और बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
ऊर्जा क्षेत्र में बिजली और गैस की कीमतों में क्रमिक वृद्धि जारी रहेगी ताकि सर्कुलर डेट संकट को नियंत्रित किया जा सके।
IMF की नई शर्तों के तहत विशेष आर्थिक क्षेत्रों और विशेष टेक्नोलॉजी ज़ोन्स में टैक्स छूट की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जाएंगे।
इसके अलावा, पाकिस्तान ने जलवायु वित्त और हरित अर्थव्यवस्था से जुड़े नए नियम भी लागू करने पर सहमति जताई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि IMF कार्यक्रम से विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होंगे, लेकिन महंगाई, ऊंचा कर्ज, धीमी आर्थिक वृद्धि और ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियां अभी भी बनी रहेंगी।
Posted By: Ali Imran Chattha