एचीसन कॉलेज के पूर्व सिख और हिंदू विद्यार्थियों के परिवार चंडीगढ़ में एकत्र हुए
चंडीगढ़, 7 जुलाई 2025 (नज़राना टाइम्स): लाहौर के एचीसन चीफ्स कॉलेज में 1886 से 1947 के बीच पढ़े सिख और हिंदू विद्यार्थियों के परिवार 7 जुलाई को चंडीगढ़ के शिवालिकव्यू होटल में एकत्र हुए। आयोजन का उद्देश्य पुरानी यादें साझा करना और संस्थान के साथ परिवारों के ऐतिहासिक संबंधों को फिर मजबूत करना था।
कॉलेज के दो जीवित पूर्व विद्यार्थी, बुट्टर के सरदार मलिंदर सिंह सोढ़ी और भदौड़ के सरदार सिमरन सिंह भी उपस्थित रहे। उनके साथ लगभग 25 ऐसे पारिवारिक प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनके कॉलेज में पढ़े परिजन अब इस संसार में नहीं हैं।
विभाजन के 75 वर्ष से अधिक समय बाद संबंध जोड़ने की पहल
एचीसन कॉलेज ने 1947 के विभाजन के 75 वर्ष से अधिक समय बाद अपने पूर्व सिख और हिंदू विद्यार्थियों तथा उनके परिवारों से संपर्क मजबूत करने के लिए इस पहल को आगे बढ़ाया है।
अमेरिका से आए कॉलेज के मानद दूत डॉ. तरुनजीत सिंह बुटालिया ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। इसके बाद प्रतिनिधियों ने अपना परिचय दिया और 1947 से पहले एचीसन चीफ्स कॉलेज में पढ़े अपने पूर्वजों के बारे में जानकारी तथा यादें साझा कीं।
जीवित पूर्व विद्यार्थियों ने रखे अपने विचार
सरदार मलिंदर सिंह सोढ़ी और सरदार सिमरन सिंह ने विशेष संबोधन किया। उनकी उपस्थिति ने प्रतिभागियों को कॉलेज के विभाजन-पूर्व दौर से सीधे जुड़ने का अवसर दिया।
डॉ. बुटालिया ने पहल के तहत अब तक हुए कार्यों और फरवरी 2026 में कॉलेज की स्थापना की 140वीं वर्षगांठ के लिए तैयार की जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उस समय पटियाला और लाहौर में समारोह आयोजित करने की तैयारी की जा रही थी। इसके बाद प्रश्नोत्तर सत्र हुआ।
परिवारों की ओर से कॉलेज के लिए स्मृति-चिह्न भेंट
पहुविंड के सरदार हरिसिमरन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और परिवारों की ओर से एचीसन कॉलेज के लिए स्मृति-चिह्न भेंट किया। इसे कॉलेज तक पहुंचाने की जिम्मेदारी डॉ. बुटालिया को सौंपी गई।
लगभग दो दर्जन प्रतिनिधियों ने 150 से अधिक पूर्व सिख और हिंदू विद्यार्थियों से जुड़े परिवारों का प्रतिनिधित्व किया।
इन परिवारों के प्रतिनिधि हुए शामिल
- अटारी
- बेदी — कल्लर और मोंटगोमरी
- भदौड़
- भगोवाल
- बुटालिया
- छज्जलवड्डी
- कैथल
- कुटलेहड़
- मजीठिया
- मुगल चक/मानांवाला
- पहुविंडिया
- पटियाला
- सीबा
- सोढ़ी — बुट्टर
- सोढ़ी — गुरुहरसहाय
- Report- Binder Singh Khudi Kalan/ Mangat Singh Saidpur
Posted By: Binder Singh Kuddi Kalan