मुल्तान में 15 वर्षीय अनाथ की मौत के मामले में ठेकेदार 4 दिन के पुलिस रिमांड पर
मुल्तान (नजराना टाइम्स) अली इमरान चठ्ठा
पाकिस्तान के मुल्तान में 15 वर्षीय अनाथ वसीम अब्बास की मौत के मामले में अदालत ने मंगलवार को एक ठेकेदार को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। आरोप है कि कार्यस्थल से भागने के बाद किशोर का पीछा किया गया और उसे कार से टक्कर मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
इस मामले में तौकीर नजीर और अमजद अली के खिलाफ पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 302 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं हत्या और साझा मंशा से जुड़े अपराधों से संबंधित हैं। नजीर को घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि अमजद अली के फरार होने की खबर है। पुलिस ने कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली है।
प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के अनुसार, वसीम अब्बास कथित दुर्व्यवहार और धमकियों के बाद अपने कार्यस्थल से भाग गया था। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने BVE-474 नंबर वाली होंडा कार से उसका पीछा किया और उसे टक्कर मार दी। बताया गया है कि इस दौरान उसका सिर एक घर के प्रवेश द्वार पर बने खंभे से टकरा गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
मंगलवार को नजीर को मुल्तान में न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इसके बाद उसे आगे की जांच के लिए चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अदालत के बाहर वकीलों द्वारा उसके साथ कथित मारपीट किए जाने की खबर भी सामने आई है, हालांकि इस घटना की परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
नजीर ने जानबूझकर हत्या करने के आरोप से इनकार किया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो बयान में उसने दावा किया कि वसीम को भागने से रोकने की कोशिश के दौरान कार फिसल गई थी। उसने यह भी आरोप लगाया कि किशोर पहले भी बिना अनुमति कार्यस्थल से चला गया था। उसके इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वसीम मुजफ्फरगढ़ जिले का रहने वाला था और बताया जाता है कि वह पिछले पांच से छह वर्षों से मुल्तान के एक निजी अनाथालय में रह रहा था। उसकी मौत से लगभग छह या सात दिन पहले अनाथालय प्रशासन ने उसे बिजली का काम सीखने के लिए नजीर के पास भेजा था।
किशोर को ठेकेदार के पास भेजे जाने की परिस्थितियों की भी अलग से जांच की जा रही है। पुलिस ने पूछताछ के लिए अनाथालय प्रशासन के सदस्यों को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में कथित तौर पर ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि वसीम ने कोई चोरी की थी।
बताया जा रहा है कि सीसीटीवी फुटेज में टक्कर से पहले एक कार किशोर का पीछा करती दिखाई दी है। जांचकर्ता घटनाक्रम का पता लगाने और आपराधिक जिम्मेदारी तय करने के लिए सभी परिस्थितियों और सबूतों की जांच कर रहे हैं।
वसीम को अंतिम संस्कार की नमाज के बाद मुजफ्फरगढ़ के मौजा दौलतपुर स्थित उसके पैतृक कब्रिस्तान में दफनाया गया। अंतिम संस्कार में उसके करीबी रिश्तेदारों और अनाथालय के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। परिवार ने मामले में इंसाफ और जवाबदेही की मांग की है।
मामले की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। दोष सिद्ध होने तक उन्हें कानूनन निर्दोष माना जाता है।
Posted By: Ali Imran Chattha