सतवंत कौर ने लाहौर की LCWU में गुरबाणी की अरबी-फारसी शब्दावली पर पीएचडी शोध-प्रबंध जमा किया
लाहौर: सतवंत कौर ने लाहौर कॉलेज फॉर विमेन यूनिवर्सिटी (LCWU) के पंजाबी विभाग में गुरु ग्रंथ साहिब जी की बाणी पर अपना पीएचडी शोध-प्रबंध सफलतापूर्वक जमा कर दिया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, वह पाकिस्तानी सिख समुदाय से इस मुकाम तक पहुंचने वाली पहली सिख महिला हैं।
उन्होंने यह शोध प्रोफेसर डॉ. मुजाहिदा बट्ट के निर्देशन में पूरा किया है। उनके शोध-प्रबंध का शीर्षक “गुरु ग्रंथ साहिब जी की बाणी में मौजूद अरबी-फारसी शब्दावली, तलमीहें और इस्तिआरे” है।
गुरबाणी की शब्दावली और साहित्यिक संदर्भों का अध्ययन
इस शोध में गुरु ग्रंथ साहिब जी की बाणी में प्रयुक्त अरबी और फारसी शब्दावली का अध्ययन किया गया है। इसमें तलमीहों, यानी ऐतिहासिक या धार्मिक प्रसंगों की ओर संकेतों, और इस्तिआरों, अर्थात रूपकों, की भी पड़ताल की गई है।
बीते दिन यह शोध-कार्य औपचारिक रूप से विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डॉ. उज़मा कुरैशी को प्रस्तुत किया गया।
पंजाबी भाषा और अंतरधार्मिक अध्ययन में योगदान
विश्वविद्यालय ने इस उपलब्धि को अपने अकादमिक इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है। उसके अनुसार, सतवंत कौर का शोध अंतरधार्मिक विद्वत्ता, भाषा अध्ययन और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है।
विश्वविद्यालय ने कहा कि यह उपलब्धि उच्चस्तरीय अकादमिक शोध को प्रोत्साहित करने और अलग-अलग धार्मिक तथा सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के शोधार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
LCWU ने सतवंत कौर की उपलब्धि को पाकिस्तानी सिख समुदाय के लिए गर्व का विषय बताया। विश्वविद्यालय के अनुसार, उनका शोध पंजाबी भाषा, गुरबाणी अध्ययन और अंतरधार्मिक सद्भाव के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान है।
Posted By: Ali Imran Chattha