PIA के लिए बोइंग देगी संशोधित विमान प्रस्ताव, पाकिस्तान ने US EXIM Bank से वित्तीय सहयोग मांगा
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर, जल्द डिलीवरी, अंतरिम लीज, इंजन, स्पेयर पार्ट्स और खड़े PIA विमानों को दोबारा सेवा में लाने पर चर्चा
न्यूयॉर्क/कराची (नज़राना टाइम्स) — बोइंग पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) को विमान खरीद से संबंधित एक संशोधित प्रस्ताव सौंपेगी। इसके साथ ही पाकिस्तान PIA के बेड़े के आधुनिकीकरण और भविष्य में विमान खरीद के लिए अमेरिकी वित्तीय सहयोग हासिल करने के प्रयास तेज कर रहा है।
यह घटनाक्रम न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान पाकिस्तान के वित्त एवं राजस्व मंत्री सीनेटर मुहम्मद औरंगज़ेब की बैठकों के दौरान सामने आया।
पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, औरंगज़ेब ने बोइंग ग्लोबल के अध्यक्ष डॉ. ब्रेंडन नेल्सन से मुलाकात की। बैठक में PIA की विमान संबंधी जरूरतों, वित्तीय व्यवस्था, विमानों की उपलब्धता और पाकिस्तान के विमानन क्षेत्र में संभावित सहयोग पर चर्चा हुई।
जल्द डिलीवरी और अंतरिम लीज पर भी बातचीत
बोइंग ने पुष्टि की कि कंपनी PIA को विमान खरीद से संबंधित संशोधित प्रस्ताव उपलब्ध कराएगी।
दोनों पक्षों ने PIA की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए विमानों की जल्द डिलीवरी के संभावित स्लॉट और अंतरिम लीज व्यवस्था तलाशने पर भी चर्चा की।
बातचीत केवल नए विमानों की खरीद तक सीमित नहीं रही। इंजन, स्पेयर पार्ट्स और वर्तमान में खड़े PIA विमानों को दोबारा परिचालन में लाने के लिए सहयोग पर भी विचार किया गया।
हालांकि, अभी तक किसी अंतिम विमान खरीद समझौते, कीमत, विमानों की संख्या या डिलीवरी समय-सारणी की घोषणा नहीं की गई है।
बोइंग 787 के लिए US EXIM Bank से वित्तीय सहयोग की कोशिश
एक अलग बैठक में मुहम्मद औरंगज़ेब ने अमेरिकी एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक (US EXIM Bank) के अध्यक्ष जॉन जोवानोविक के साथ पाकिस्तान की कई प्रमुख परियोजनाओं के लिए संभावित वित्तीय सहयोग पर बातचीत की।
PIA के बेड़े का आधुनिकीकरण चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल था।
वित्त मंत्री ने बोइंग विमानों, विशेष रूप से 787 ड्रीमलाइनर, में PIA की रुचि का उल्लेख किया और विमानों तथा इंजनों के लिए संभावित वित्तीय पैकेज पर चर्चा की।
पाकिस्तान ने खड़े बोइंग 777 विमानों को दोबारा सेवा में लाने के लिए आवश्यक स्पेयर पार्ट्स का मुद्दा भी उठाया।
विमानों के प्री-डिलीवरी भुगतान के संभावित वित्तपोषण पर भी चर्चा हुई, जबकि दोनों पक्ष व्यापक आर्थिक और व्यावसायिक सहयोग के ढांचे पर काम जारी रखने पर सहमत हुए।
रिफाइनरी अपग्रेड और रेको डिक भी चर्चा में
US EXIM Bank के साथ बातचीत केवल विमानन क्षेत्र तक सीमित नहीं रही।
पाकिस्तान की तेल रिफाइनरियों के आधुनिकीकरण के लिए संभावित वित्तीय सहयोग तथा रेको डिक तांबा और सोना खनन परियोजना में US EXIM Bank की भूमिका पर भी चर्चा हुई।
औरंगज़ेब ने पाकिस्तान के भविष्य के निर्यात के लिए रेको डिक परियोजना के महत्व पर जोर दिया।
निजी प्रबंधन के तहत PIA के विस्तार की तैयारी
ये बातचीत ऐसे समय में हुई है जब PIA निजीकरण के बाद पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है।
आरिफ हबीब कॉरपोरेशन के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने एयरलाइन में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी और प्रबंधन नियंत्रण हासिल किया है। इसके बाद नए विमानों, परिचालन क्षमता और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के विस्तार में नए निवेश की उम्मीद की जा रही है।
PIA के पुनर्गठन में बेड़े का विस्तार एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहने की संभावना है। हालांकि, बोइंग के साथ मौजूदा बातचीत अभी किसी पक्के विमान ऑर्डर में तब्दील नहीं हुई है।
अमेरिका के लिए सीधी उड़ानें बहाल करने की कोशिश
पाकिस्तान अमेरिका के साथ सीधी हवाई सेवाएं दोबारा शुरू करने की भी कोशिश कर रहा है।
अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने जुलाई 2020 में पाकिस्तान को कैटेगरी-2 सुरक्षा रेटिंग दी थी। इसके कारण आवश्यक विमानन सुरक्षा मानकों की पूर्ति होने तक पाकिस्तानी एयरलाइनों द्वारा अमेरिका के लिए नई सीधी सेवाएं शुरू करने पर प्रतिबंध लागू हैं।
बोइंग के साथ बैठक में विमानन सुरक्षा क्षमता बढ़ाने, नियामक सहयोग और पाकिस्तान-अमेरिका सीधी उड़ानों की बहाली के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
प्रमुख हवाई अड्डों के प्रबंधन की आउटसोर्सिंग
वित्त मंत्री ने पाकिस्तान के विमानन बुनियादी ढांचे में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की योजनाओं की भी जानकारी दी, जिसमें प्रमुख हवाई अड्डों के प्रबंधन को आउटसोर्स करने की योजना शामिल है।
ताजा बातचीत पाकिस्तान और अमेरिकी विमानन एवं वित्तीय संस्थानों के बीच बढ़ते व्यावसायिक सहयोग की ओर संकेत करती है। हालांकि, फिलहाल मामला प्रस्ताव और वित्तीय व्यवस्था से जुड़ी बातचीत के चरण में है।
अभी तक बोइंग विमानों के लिए किसी पक्के ऑर्डर की घोषणा नहीं हुई है। विमानों की अंतिम संख्या, कीमत, वित्तीय ढांचा और डिलीवरी समय-सारणी आगे की बातचीत के बाद ही तय होगी।
Posted By: Ali Imran Chattha