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बैसाखी समारोह के लिए पाकिस्तान ने भारतीय सिख श्रद्धालुओं को 2,800 से अधिक वीज़ा जारी किए; सुरक्षा और आतिथ्य की तैयारियां पूरी

07 Apr, 2026 10:23 PM

लाहौर/नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2026: नज़राना टाइम्स
रिपोर्ट: अली इमरान चट्ठा
बैसाखी और खालसा पंथ के 327वें स्थापना दिवस के अवसर पर पाकिस्तान ने भारत से आने वाले सिख श्रद्धालुओं को 2,800 से अधिक वीज़ा जारी किए हैं। ये श्रद्धालु 10 से 19 अप्रैल 2026 तक पाकिस्तान में आयोजित वार्षिक बैसाखी मेले में भाग लेंगे और प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे गुरुद्वारा पंजा साहिब, गुरुद्वारा ननकाना साहिब और गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करेंगे।
भारत से आने वाले श्रद्धालु 10 अप्रैल को वाघा सीमा के रास्ते पहुंचेंगे, जबकि मुख्य समारोह 14 अप्रैल को हसन अब्दाल स्थित गुरुद्वारा पंजा साहिब में आयोजित होगा।
भारत में पाकिस्तान के कार्यवाहक उच्चायुक्त सआद अहमद वर्राइच ने श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके लिए आध्यात्मिक रूप से समृद्ध यात्रा की कामना की। उन्होंने कहा कि यह यात्रा पाकिस्तान की अंतरधार्मिक और अंतरसांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अनेक धार्मिक स्थलों के संरक्षक के रूप में पाकिस्तान सहिष्णुता, सद्भावना और पारस्परिक सम्मान के सार्वभौमिक मूल्यों को आगे बढ़ाता रहेगा।


ये यात्राएं 1974 के धार्मिक स्थलों के दौरे संबंधी द्विपक्षीय प्रोटोकॉल के तहत आयोजित की जा रही हैं।
आज पंजाब गृह विभाग में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें भारत और अन्य देशों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और आतिथ्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। बैठक की अध्यक्षता सचिव गृह डॉ. अहमद जावेद काज़ी ने की, जबकि कैबिनेट कमेटी ऑन लॉ एंड ऑर्डर के अध्यक्ष और प्रांतीय मंत्री ख्वाजा सलमान रफीक वीडियो लिंक के माध्यम से शामिल हुए।

ख्वाजा सलमान रफीक ने जोर देते हुए कहा कि सिख श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी जिला प्रशासन को व्यापक सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एवाक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के अतिरिक्त सचिव नासिर मुश्ताक ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इनमें सुसज्जित टेंटों में आरामदायक आवास, गुणवत्तापूर्ण बिस्तर, स्वच्छ पेयजल, एयर कंडीशनिंग और गुरुद्वारों तथा आवासीय स्थलों पर उचित शौचालय सुविधाएं शामिल हैं।
सभी धार्मिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी, जिसमें खुफिया आधारित अभियान, सख्त निगरानी, सीसीटीवी कैमरे और अस्थायी सुरक्षा ढांचे शामिल होंगे। बेहतर समन्वय के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के बीच व्हाट्सएप समूह भी बनाए गए हैं।
धार्मिक मामलों और अंतरधार्मिक सद्भाव मंत्रालय के तहत एवाक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड इस पूरे आयोजन की निगरानी कर रहा है।

Posted By: Ali Imran Chattha

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