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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- धार्मिक संस्था की जगह ‘व्यापारिक केंद्र’ बन गया है ट्रस्ट

17 Jun, 2026 11:42 AM

अयोध्या: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि ट्रस्ट अपने मूल धार्मिक उद्देश्यों से भटक गया है और अब इसे एक आध्यात्मिक संस्था के बजाय “व्यापारिक केंद्र” की तरह संचालित किया जा रहा है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि ट्रस्ट की दिशा उस समय बदल गई जब संतों और आचार्यों को महत्वपूर्ण पदों से हटाकर उनकी जगह ऐसे लोगों को नियुक्त किया गया जिन्हें उन्होंने राजनीतिक रूप से जुड़ा हुआ बताया। उनका कहना था कि इस बदलाव से मंदिर प्रबंधन पर पारंपरिक धार्मिक निगरानी कमजोर हो गई, जो इतनी महत्वपूर्ण धार्मिक संस्था के लिए आवश्यक है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हाल ही में दान राशि और नकदी बरामदगी से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। उनके अनुसार अयोध्या में उठ रही चिंताएं इस बात का परिणाम हैं कि एक धार्मिक संस्था को प्रशासनिक और व्यावसायिक ढांचे में बदल दिया गया है।
उनकी यह टिप्पणी देश की प्रमुख धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन, पारदर्शिता और आध्यात्मिक नेतृत्व की भूमिका को लेकर चल रही बहस के बीच आई है। हालांकि, शंकराचार्य द्वारा लगाए गए आरोप और दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं।
इस विवाद ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि देश की महत्वपूर्ण धार्मिक संस्थाओं के संचालन में प्रशासनिक व्यवस्था और आध्यात्मिक नेतृत्व के बीच संतुलन किस प्रकार बनाए रखा जाए, ताकि संस्थाओं की धार्मिक गरिमा और सार्वजनिक विश्वास दोनों सुरक्षित रह सकें।

Posted By: Gurjeet Singh

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