‘डू मोर’ से ‘हेल्प मोर’ तक: पाकिस्तान की भूमिका में बड़ा बदलाव
अमेरिका–ईरान वार्ता के करीब, इस्लामाबाद में बैठक संभव
लाहौर नज़राना टाइम्स अली इमरान चठ्ठा
अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत कराने के प्रयास निर्णायक चरण में पहुंच गए हैं, और इस सप्ताह इस्लामाबाद में उच्चस्तरीय बैठक होने की संभावना है।
यदि यह बैठक होती है, तो यह बैक-चैनल कूटनीति में एक बड़ी प्रगति होगी, जिसमें पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ के रूप में उभर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हो सकते हैं, जबकि ईरान की ओर से वरिष्ठ नेता, संभवतः संसद अध्यक्ष मोहम्मद-बाकिर ग़ालिबाफ, शामिल हो सकते हैं।
यह बातचीत 15 बिंदुओं के एक ढांचे पर आधारित बताई जा रही है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, इस समझौते में ईरान द्वारा अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को छोड़ना शामिल हो सकता है, हालांकि पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
अमेरिकी अधिकारियों ने इसे महत्वपूर्ण प्रगति बताया है, जबकि ईरान ने सीधे वार्ता से इनकार करते हुए इसे ऊर्जा बाजारों को प्रभावित करने की कोशिश बताया है।
इज़राइल इन तेज घटनाक्रमों से चकित बताया जा रहा है और अमेरिका से स्पष्टीकरण मांग रहा है।
पाकिस्तान के लिए यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जहां पहले “डू मोर” का दबाव था, अब “हेल्प मोर” की भूमिका उभर रही है।
हालांकि, राजनीतिक और क्षेत्रीय चुनौतियों के कारण अभी अनिश्चितता बनी हुई है।
Posted By: Ali Imran Chattha