पेशावर में स्कूल की छत गिरने से 32 विद्यार्थियों और शिक्षिका की मौत, मालिक गिरफ्तार

पेशावर में स्कूल की छत गिरने से 32 विद्यार्थियों और शिक्षिका की मौत, मालिक गिरफ्तार

पेशावर: पेशावर की दीर कॉलोनी में गुरुवार सुबह अल-खैर पब्लिक स्कूल की छत गिरने से कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में 32 विद्यार्थी और एक शिक्षिका शामिल हैं। जान गंवाने वाले बच्चों में से अधिकतर की उम्र छह से 14 वर्ष के बीच थी।

पुलिस ने निजी स्कूल के मालिक को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने घटना की तत्काल जांच और प्रांत के सभी स्कूल भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं।

आपातकालीन सेवाओं को स्थानीय समयानुसार सुबह 8:48 बजे सूचना मिली। बचावकर्मियों और स्थानीय निवासियों ने मलबे में फंसे बच्चों को निकालने के लिए कई घंटों तक काम किया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, लेडी रीडिंग अस्पताल में 53 मरीज लाए गए। इनमें से 33 की मौत हो गई, तीन निगरानी में रहे और 17 को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

स्कूल मालिक गिरफ्तार, इमारत के और हिस्से गिरने का खतरा

पेशावर के पुलिस प्रमुख मियां सईद ने स्कूल मालिक की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी कि इमारत बेहद खतरनाक स्थिति में है और इसके अन्य हिस्से भी गिर सकते हैं।

शुरुआती जांच में भारी बारिश के कारण दोमंजिला स्कूल भवन की छत गिरने के संकेत मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इमारत जर्जर दिखाई दे रही थी और हाल की बारिश ने इसे और कमजोर किया हो सकता है।

एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि स्कूल ऐसी संकरी गली में स्थित है, जहां से एक समय में केवल एक वाहन गुजर सकता है। इससे बचाव कार्य में बाधा आई।

अंतिम रस्मों के बाद 33 मृतकों को दफनाया गया

पोस्टमार्टम और कानूनी औपचारिकताओं के बाद शव परिवारों को सौंप दिए गए। इलाके में नमाज-ए-जनाजा अदा की गई, जिसमें शोकाकुल परिजन, स्थानीय निवासी, शिक्षक, विद्यार्थियों के परिवार और स्थानीय बुजुर्ग शामिल हुए।

बाद में शिक्षिका समेत सभी 33 मृतकों को स्थानीय कब्रिस्तान में दफनाया गया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान गहरे शोक का माहौल था। लोगों ने इमारत गिरने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

स्थानीय निवासियों और अधिकारियों ने सुरक्षा तथा दफनाने की व्यवस्थाओं में सहयोग किया। कई लोगों ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रांत के निजी स्कूलों की तत्काल सुरक्षा जांच की मांग भी की।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख

राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने घटना पर गहरा सदमा और दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। उन्होंने घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और शिक्षण संस्थानों के भवन सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच की मांग की।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और सभी घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पारदर्शी जांच करने को कहा, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने भी दुख व्यक्त करते हुए बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

प्रांत के सभी स्कूल भवनों की सुरक्षा जांच के आदेश

गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने प्रांतीय अधिकारियों को भवन ढहने के कारणों पर विस्तृत जांच रिपोर्ट बिना देरी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से सभी घायल बच्चों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को भी कहा।

गवर्नर ने प्रांत के सभी स्कूलों की संरचनात्मक सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं। इसका उद्देश्य संभावित खतरों की पहचान करना और जहां जरूरी हो, तत्काल सुधारात्मक कदम उठाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं होने दिया जा सकता।

संसद में मृतकों के लिए फातिहा पढ़ी गई

संसद की संयुक्त बैठक में हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों और शिक्षिका के लिए फातिहा पढ़ी गई। नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक ने सदन को जानकारी देते हुए लगभग 13 वर्ष की उम्र के 20 से अधिक विद्यार्थियों की मौत का आंकड़ा बताया।

सीनेटर आबिद शेर अली ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि पूरा देश शोक में है। ऑल पाकिस्तान प्राइवेट स्कूल्स फेडरेशन ने भी बयान जारी कर गहरा दुख व्यक्त किया।

इस हादसे ने पाकिस्तान के निजी शिक्षा क्षेत्र में भवन सुरक्षा मानकों को लेकर लंबे समय से उठ रही चिंताओं को फिर सामने ला दिया है। इस क्षेत्र में कई स्कूल सीमित बजट के साथ ऐसी इमारतों में संचालित होते हैं, जहां पर्याप्त सुरक्षा उपायों का अभाव है।