बड़ा घटनाक्रम: सरबजीत कौर (नूर हुसैन) और पति गिरफ़्तार, निर्वासन प्रक्रिया शुरू
04 Jan, 2026 10:27 PM
ननकाना साहिब / शेखूपुरा, पाकिस्तान – 4 जनवरी 2026 अली इमरान चठ्ठा
(ताज़ा आधिकारिक जानकारी और केस अपडेट के आधार पर)
भारतीय सिख तीर्थयात्री सरबजीत कौर (जिन्होंने इस्लाम कबूल करने और विवाह के बाद नाम नूर हुसैन रखा) से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। 4 जनवरी 2026 को सरबजीत कौर और उनके पाकिस्तानी पति नासिर हुसैन को गिरफ़्तार कर लिया गया है।

पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के प्रधान और पंजाब के अल्पसंख्यक मामलों के प्रांतीय मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ठोस खुफिया सूचना के आधार पर की गई।
गिरफ़्तारी और पूछताछ का विवरण
इंटेलिजेंस ब्यूरो डिवीजन (IBD) ननकाना साहिब टीम को दंपति की मौजूदगी की सूचना गांव पिहरे वाली में मिली। इसके बाद तुरंत छापा मारा गया और दोनों को गिरफ़्तार कर लिया गया।
थाना सदर ननकाना साहिब की पुलिस को सूचित किया गया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर दोनों को हिरासत में लिया और थाने ले जाया गया, जहां वे फिलहाल पुलिस कस्टडी में हैं।
पुलिस और आईबी की संयुक्त पूछताछ में निम्नलिखित तथ्य सामने आए:
• सरबजीत कौर और नासिर का ऑनलाइन संबंध 2016 से टिकटॉक के माध्यम से था।
• दोनों ने अतीत में कई बार वीज़ा के लिए आवेदन किया, जो कानूनी कारणों से खारिज हुए।
• 4 नवंबर 2025 को नासिर गुरुद्वारा जन्म अस्थान ननकाना साहिब आया, जहां से कथित रूप से वह सरबजीत कौर को लेकर फ़ारूक़ाबाद और बुर्ज अटारी क्षेत्रों में चला गया।

आगे की कार्रवाई
सरबजीत कौर (नूर हुसैन) को इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) को सौंपा जाएगा, ताकि उनके एकल-प्रवेश धार्मिक वीज़ा की समाप्ति के कारण तत्काल निर्वासन प्रक्रिया शुरू की जा सके।
नासिर हुसैन से पूछताछ जारी रहेगी। उसके मोबाइल फ़ोन की फॉरेंसिक जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
यह गिरफ्तारी 26 दिसंबर 2025 को सरदार महिंदर पाल सिंह द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस और लाहौर हाई कोर्ट में दाखिल संवैधानिक याचिका के अनुरूप मानी जा रही है, जिसमें PSGPC पर वीज़ा उल्लंघन को लेकर लापरवाही के आरोप लगाए गए थे।
पृष्ठभूमि
सरबजीत कौर, जो भारतीय पंजाब के कपूरथला ज़िले से संबंधित हैं, 4 नवंबर 2025 को श्री गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान आई थीं। उन्होंने उसी दिन जत्थे से अलग होकर इस्लाम स्वीकार किया, नाम नूर हुसैन रखा और 5 नवंबर 2025 को नासिर हुसैन से निकाह किया।

13 नवंबर 2025 को जत्था भारत लौट गया, लेकिन सरबजीत कौर पाकिस्तान में ही रहीं, जिससे वीज़ा समाप्ति और अवैध ठहराव के आरोप लगे। इस मामले ने भारत और पाकिस्तान दोनों में व्यापक चर्चा को जन्म दिया।
यह घटनाक्रम पाकिस्तान के आव्रजन कानूनों के सख़्त अनुपालन की एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है। जैसे-जैसे निर्वासन और जांच प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, और अपडेट सामने आने की संभावना है।
Posted By: TAJEEMNOOR KAUR








