Nazrana Times

हिंदी

एमक्यूएम पंजाब ने वकीलों की समाज में रीढ़ की हड्डी जैसी भूमिका पर दिया ज़ोर

31 Oct, 2025 10:47 PM
एमक्यूएम पंजाब ने वकीलों की समाज में रीढ़ की हड्डी जैसी भूमिका पर दिया ज़ोर

लाहौर, 31 अक्टूबर (नज़राना टाइम्स):
 

पंजाब हाउस लाहौर में आयोजित एक अहम बैठक में मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) पंजाब के महासचिव करामत अली शेख ने कहा कि पाकिस्तान के लोकतांत्रिक और संवैधानिक भविष्य के निर्माण में वकीलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एमक्यूएम देश की एकमात्र राजनीतिक पार्टी है जो वकीलों को संसद में प्रतिनिधित्व देती है और साथ ही गरीब और मध्यम वर्ग के पढ़े-लिखे युवाओं को लोकतांत्रिक तरीक़े से देश की सेवा का अवसर प्रदान करती है।
करामत अली शेख ने कहा कि वकील फ़ोरम पाकिस्तान के सिविल समाज की रीढ़ की हड्डी है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हर क़ानूनी पेशेवर का यह फ़र्ज़ है कि वह राष्ट्रीय मुद्दों को उजागर करे और उनके समाधान के लिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक रास्ते अपनाए। उन्होंने कहा, “हमारा मिशन है — बेआवाज़ों को आवाज़ देना और हर नागरिक तक न्याय पहुँचाना — यही एमक्यूएम के घोषणापत्र की असल भावना है।”
बैठक में ऑफिस सचिव मिर्ज़ा सईद अहमद बेग, लाहौर ज़ोन के अध्यक्ष इरतेज़ा काज़मी, एडवोकेट वहीद गुजर, एडवोकेट बी.ए. खान, एडवोकेट अदनान खान, एडवोकेट चौधरी इलियास खान, एडवोकेट ज़ाहिद खान (वाइस डिस्ट्रिक्ट प्रेसीडेंट लाहौर), चौधरी इमरान गुजर (डिस्ट्रिक्ट प्रेसीडेंट लाहौर), शेख साजिद अली और बड़ी संख्या में वकील मौजूद थे।
प्रतिभागियों ने संविधान की सर्वोच्चता और क़ानून के राज की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि वे इन सिद्धांतों की रक्षा के लिए हर संभव क़ुर्बानी देने को तैयार हैं। बैठक में एमक्यूएम के लॉयर्स विंग को और मज़बूत करने तथा इस्लामाबाद सहित चारों प्रांतों, ख़ास तौर पर पंजाब में वकील बिरादरी तक पहुँच बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए करामत अली शेख ने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक क़ायदे आज़म मुहम्मद अली जिन्ना ख़ुद एक प्रतिष्ठित वकील थे, जिनकी वकालत ने पाकिस्तान की नींव रखी। इसी तरह शायर-ए-मशरक़ डॉ. अल्लामा मुहम्मद इक़बाल (रह.) भी वकील थे, जिन्होंने पाकिस्तान का सपना देखा था। उन्होंने कहा, “हमारा पेशा पाकिस्तान की बुनियाद से जुड़ा हुआ है। अब हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम न्याय, समानता और राष्ट्रीय एकता के साथ उस विरासत को आगे बढ़ाएँ।”
बैठक का समापन पाकिस्तान की अमन, तरक़्क़ी और खुशहाली के लिए विशेष दुआ के साथ किया गया।

Posted By: GURBHEJ SINGH ANANDPURI