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“पाकिस्तान की महिलाएँ जाग चुकी हैं”: जेआई नेताओं का दावा

23 Nov, 2025 04:36 AM
“पाकिस्तान की महिलाएँ जाग चुकी हैं”: जेआई नेताओं का दावा

अली इमरान चठ्ठा लाहौर (नज़राना टाइम्स)
जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान की महिला विंग ने मिनार-ए-पाकिस्तान में आयोजित भव्य सभा में कहा कि महिलाओं को “स्लोगन नहीं, अपने हक चाहिए।” उन्होंने कहा कि पार्टी महिलाओं को “घर की इज़्ज़त और समाज की ताकत” के रूप में सशक्त बनाना चाहती है।

महिला सत्र “जहां आबाद तुम से है” को संबोधित करते हुए सेक्रेटरी जनरल डॉ. हुमैरा तारिक ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि “पाकिस्तान की महिलाएं अब जाग चुकी हैं।”
उन्होंने कहा कि इस्लाम ने महिलाओं को मां, बहन, बेटी और पत्नी के रूप में सम्मान दिया है, लेकिन आज भी महिला अत्याचार, घरेलू हिंसा और पैतृक संपत्ति से वंचित होने का सामना कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि जमात-ए-इस्लामी जेलों में बंद महिलाओं की रिहाई, मार्गदर्शन और सम्मानजनक पुनर्वास के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
व्यवस्था परिवर्तन और न्याय की पुकार
नज़ीमा-ए-इज्तिमा और डिप्टी सेक्रेटरी समीना सईद ने कहा कि कुरान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि क्या हलाल है और क्या हराम। उन्होंने हज़रत हफ़्सा (र.अ.), हज़रत आइशा (र.अ.) और उन महान महिलाओं का उल्लेख किया जिन्होंने इमाम अहमद बिन हंबल (र.अ.) जैसे विद्वानों की परवरिश की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से इस्लामी व्यवस्था की स्थापना के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की।
डिप्टी सेक्रेटरी आफ़त सज्जाद ने कहा कि यह विशाल सभा दर्शाती है कि पाकिस्तान की महिलाएं न्याय, बुनियादी अधिकार और इस्लाम द्वारा दिए गए संरक्षण की मांग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश की सामंती व न्यायिक प्रणाली महिलाओं के अधिकारों में सबसे बड़ी बाधा है — इसी कारण महिलाएं मिनार-ए-पाकिस्तान के साए में सिस्टम बदलाव की मांग लेकर इकट्ठी हुई हैं।

पुरस्कार और भविष्य का घोषणापत्र
डॉ. सामिहा रहीम क़ाज़ी ने नारे की अगुवाई की और कहा कि महिलाओं की बड़ी मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि वे बदलाव लाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
डॉ. जुबैदा जबीन ने सम्मेलन का घोषणापत्र पेश किया और कहा कि महिलाओं पर अत्याचार की मूल वजह कुरानी व्यवस्था का लागू न होना है। घोषणापत्र की सिफ़ारिशों में शामिल थे:
शैक्षणिक संस्थाओं को बच्चों की नैतिक, मानसिक और शारीरिक परवरिश की ज़िम्मेदारी
माताओं और बच्चों के लिए स्वस्थ वातावरण
सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग की ट्रेनिंग
मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय सम्मान
अंतरराष्ट्रीय महिलाओं को “हाई अचीवर्स अवॉर्ड” दिए गए। मलेशिया, फ़िलिस्तीन, बांग्लादेश, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, जर्मनी, तुर्की, जॉर्डन और बहरीन सहित कई देशों की महिलाओं को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय अवॉर्डी में दुरदाना सिद्दीकी, आइशा मुनव्वर, डॉ. रुखसाना जबीन, फराह इदरीस, उम्म-उर-रकीब, आबिदा फ़रहान और अन्य शामिल थीं।
सत्र में डॉ. जुबैदा जबीन, अतिया निसार, आइशा सईद, नाज़िया तौहीद, अज़मा इमरान, शाजिया अफ़ज़ल और रक्षंदा मुनीब सहित कई नेता मौजूद थीं।

Posted By: TAJEEMNOOR KAUR