मेरा जीता हुआ जनादेश छीना गया”: सबा दीवान का AJK चुनाव में धांधली का आरोप, नतीजों को अदालत में चुनौती देने का ऐलान
- इंटरनेशनल
- 22 Aug, 2026 07:43 PM (Asia/Kolkata)
नज़राना टाइम्स के साथ विशेष इंटरव्यू
लाहौर (नज़राना टाइम्स): पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की उम्मीदवार सबा दीवान, जिन्होंने आज़ाद जम्मू-कश्मीर विधानसभा के निर्वाचन क्षेत्र LA-41 कश्मीर वैली-II से चुनाव लड़ा था, ने चुनाव परिणाम को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि व्यवस्थित धांधली और कथित सरकारी हस्तक्षेप के जरिए उनका चुनावी जनादेश गैरकानूनी तरीके से छीना गया।
नज़राना टाइम्स को दिए एक विशेष इंटरव्यू में सबा दीवान ने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ अधिकारियों ने खुले तौर पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (PML-N) के उम्मीदवार का पक्ष लिया और चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के लिए कथित रूप से सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया।

आधिकारिक तौर पर जारी परिणामों के अनुसार PML-N उम्मीदवार मुहम्मद आमिर शाह को 1,804 वोट मिले, जबकि सबा दीवान 1,523 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। सबा दीवान ने परिणाम को स्वीकार करने से इनकार करते हुए इसे हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।
“मेरे पास सबूत हैं, अदालत में पेश करूंगी”
नज़राना टाइम्स से बातचीत में सबा दीवान ने कहा कि उनके पास चुनाव में कथित अनियमितताओं और धांधली से संबंधित विस्तृत सबूत मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, “मेरे पास चुनाव में हुई अनियमितताओं और कथित धांधली के पूरे सबूत हैं। मैं ये सबूत सक्षम अदालत के सामने पेश करूंगी और कानूनी प्रक्रिया के जरिए इंसाफ मांगूंगी।”
सबा दीवान ने आरोप लगाया कि उन पर राजनीतिक दबाव डाला गया और उन्हें अपनी राजनीतिक वफादारी बदलने के लिए मनाने की कोशिश की गई।
उनके मुताबिक, जब उन्होंने अपना राजनीतिक रुख बदलने से इनकार कर दिया तो जिस सीट को वह अपनी जीती हुई सीट मानती हैं, उसे कथित तौर पर PML-N उम्मीदवार को “तोहफे” में दे दिया गया।
चुनाव अधिकारियों पर भी आरोप
सबा दीवान ने आरोप लगाया कि कुछ चुनाव अधिकारियों ने PML-N उम्मीदवार के पक्ष में काम किया और चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से नहीं कराई गई।
उन्होंने मांग की कि निर्वाचन क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया, चुनावी रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए।
उनका कहना था कि यह मामला केवल किसी एक उम्मीदवार की जीत या हार का नहीं, बल्कि मतदाताओं के जनादेश की पवित्रता और सम्मान की रक्षा का है।
पति की हिरासत को लेकर जताई चिंता
इंटरव्यू के दौरान सबा दीवान ने अपने पति दीवान मोहिउद्दीन की हिरासत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि उनके पति हृदय रोगी हैं, छह बार AJK विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं और दो बार राज्य मंत्री के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।
सबा दीवान ने आरोप लगाया कि PTI संस्थापक इमरान खान के साथ राजनीतिक रूप से जुड़े रहने के कारण उनके पति को कथित रूप से राजनीतिक उद्देश्य वाले मामले में लाहौर की जेल में रखा गया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पति की स्वास्थ्य स्थिति और पूर्व सार्वजनिक पदों के बावजूद पर्याप्त चिकित्सा सुविधा, दवाइयों, घर के खाने तथा कानून के तहत कैदियों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं तक उनकी पहुंच कथित तौर पर सीमित की जा रही है।
इन आरोपों की नज़राना टाइम्स स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है और इस इंटरव्यू के संदर्भ में संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
“सरकारी विभाग अदालतों के साथ सहयोग नहीं कर रहे”
सबा दीवान ने आगे आरोप लगाया कि पुलिस और अन्य सरकारी विभाग अदालतों के साथ उचित सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण उनके पति से संबंधित कानूनी कार्यवाही में अनावश्यक देरी हो रही है।
उन्होंने पंजाब सरकार पर राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ सरकारी संस्थाओं के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए अदालतों से अपील की कि कानूनी कार्यवाही निष्पक्ष और किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप के बिना सुनिश्चित की जाए।
9 मई के मामले और PTI नेता
9 मई की घटनाओं से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए सबा दीवान ने PTI नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों तथा उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही की आलोचना की।
उन्होंने पूर्व पंजाब गवर्नर उमर सरफराज चीमा, पूर्व मंत्री डॉ. यासमीन राशिद, मियां महमूद-उर-रशीद और सीनेटर एजाज चौधरी समेत अन्य PTI नेताओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सैकड़ों PTI कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की गिरफ्तारियां व्यापक राजनीतिक कार्रवाई का हिस्सा हैं।
“हिंसा से कश्मीर का राजनीतिक संकट हल नहीं होगा”
आज़ाद कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए सबा दीवान ने कहा कि बल प्रयोग से हालात और बिगड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा, “राजनीतिक समस्याओं का समाधान ताकत से नहीं, बातचीत से होता है। अगर PTI सरकार में होती तो हम बातचीत की मेज पर बैठते, क्योंकि राजनीतिक विवादों का समाधान राजनेताओं को बातचीत के जरिए ही करना चाहिए।”
उन्होंने अधिकारियों से टकराव से बचने और राजनीतिक प्रतिनिधियों तथा प्रदर्शनकारियों के साथ सार्थक बातचीत शुरू करने की अपील की।

“जनता के जनादेश का सम्मान किया जाए”
सबा दीवान ने कहा कि वह उस चुनाव परिणाम के खिलाफ अपनी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगी, जिसे वह अन्यायपूर्ण बता रही हैं।
उन्होंने चुनाव आयोग और अदालतों से अपील की कि धांधली से जुड़े आरोपों की पारदर्शी जांच की जाए और मतदाताओं के वोटों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
सबा दीवान ने कहा, “यह केवल मेरी लड़ाई नहीं है। यह मतदाताओं के उस अधिकार की लड़ाई है कि उनके जनादेश का सम्मान किया जाए। मेरे पास जो भी सबूत हैं, उन्हें मैं अदालत के सामने पेश करूंगी और संवैधानिक तथा कानूनी तरीके से इंसाफ मांगूंगी।”
नज़राना टाइम्स डिस्क्लेमर
चुनावी धांधली, राजनीतिक हस्तक्षेप, हिरासत, सुविधाओं से वंचित रखने तथा सरकारी या चुनाव अधिकारियों के कथित अनुचित आचरण से संबंधित सभी आरोप सबा दीवान द्वारा इस इंटरव्यू में लगाए गए दावे हैं। नज़राना टाइम्स ने इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। खबर प्रकाशित होने के समय संबंधित सरकारी विभागों, चुनाव आयोग के अधिकारियों, पुलिस और PML-N प्रतिनिधियों का पक्ष उपलब्ध नहीं था। इन आरोपों का प्रकाशन नज़राना टाइम्स द्वारा उनकी पुष्टि या समर्थन नहीं माना जाना चाहिए
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