एक दौर का अंत: लाहौर के डॉन तीफ़ी बट्ट की कहानी यहीं ख़त्म
- इंटरनेशनल
- 11 Oct, 2025 09:39 PM (Asia/Kolkata)
लाहौर के अंडरवर्ल्ड का एक बड़ा अध्याय आज समाप्त हो गया।ख्वाजा तारीफ़ गुलशन, उर्फ़ तीफ़ी बट्ट, जो कई दशकों तक अपराध की दुनिया का सबसे प्रभावशाली नाम रहा, अब इतिहास बन गया है।लाहौर, अली इमरान चठ्ठा
अमीर बलाज की हत्या के मामले में नाम आने के बाद तीफ़ी बट्ट संयुक्त अरब अमीरात भाग गया था, जहाँ वह तीन साल से छिपा हुआ था।
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस किसी अन्य अपराधी की तलाश में थी, लेकिन संयोगवश तीफ़ी बट्ट उनके हाथ लग गया — और उसकी गिरफ़्तारी की खबर फैल गई।
तीफ़ी बट्ट ने अपनी चतुराई, राजनीतिक समझ और धन-बल के ज़रिए हर शासन में अपना प्रभाव बनाए रखा। लेकिन अमीर बलाज टिपू की हत्या, जब सुलह पहले ही तय हो चुकी थी, उसके पतन की शुरुआत बनी।
आज उसका अंत हो गया — उसकी ताक़त और संबंध भी उसे नहीं बचा सके।
अपराध की दुनिया कुछ समय के लिए किसी को ऊँचाई पर ले जाती है, लेकिन अंत हमेशा एक-सा होता है। तीफ़ी बट्ट की कहानी युवाओं के लिए एक सबक है कि अपराध का रास्ता कभी स्थायी नहीं होता।
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