मरदान के निजी गुरुद्वारे में सिख सेवादार दंपति की हत्या, उच्चस्तरीय जांच शुरू
- इंटरनेशनल
- 17 Jun, 2026 05:55 PM (Asia/Kolkata)
मरदान: निजी गुरुद्वारे में फायरिंग, सिख सेवादार दंपति की मौत; उच्चस्तरीय जांच जारी
मरदान (नज़राना टाइम्स) अली इमरान चट्ठा
मरदान के ख्वाजा गंज बाज़ार स्थित बाबू मोहल्ला के एक निजी गुरुद्वारे में फायरिंग की दुखद घटना में एक सिख सेवादार दंपति की मौत हो गई। मृतकों की पहचान जगन नाथ सिंह और उनकी पत्नी गुड़ी कौर के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, बीती रात अज्ञात हथियारबंद व्यक्ति गुरुद्वारे में घुस आए और दंपति पर गोलीबारी कर दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला मुख्यालय अस्पताल मरदान ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

घटना के बाद डीपीओ मरदान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बाद में जिला मुख्यालय अस्पताल जाकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं और हमलावरों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल की जा रही है।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दोहरे हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच टीमें विभिन्न पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, जबकि व्यक्तिगत दुश्मनी या पुरानी रंजिश की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं किया गया है। हमले के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है और कानून प्रवर्तन एजेंसियां आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए प्रयासरत हैं।
पंजाब के मानवाधिकार एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री तथा पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) के अध्यक्ष सरदार रमेश सिंह अरोड़ा ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मामले की तत्काल और पारदर्शी जांच कराई जाएगी तथा दोषियों की गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का गृह मंत्रालय और प्रांतीय सरकार संयुक्त रूप से जांच प्रक्रिया में सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि दुनिया भर के सिख समुदाय ने इस घटना की निंदा की है और पीड़ित परिवार के साथ एकजुटता व्यक्त की है।
पीटीआई के पूर्व संसदीय सचिव (अल्पसंख्यक मामले) तथा दक्षिण पंजाब माइनॉरिटी विंग के प्रांतीय अध्यक्ष सरदार महिंदर पाल सिंह ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए आशा जताई कि आरोपी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे।

यह स्पष्ट किया गया है कि जिस गुरुद्वारे में यह घटना हुई, वह एक निजी गुरुद्वारा था और उसका प्रबंधन इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के अधीन नहीं था।
इस घटना से सिख समुदाय में शोक और चिंता की लहर है, जबकि गुरुद्वारे और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। जांच आगे बढ़ने के साथ और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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