CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, 23 हजार केंद्रीय सुरक्षा जवान तैनात
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- (Asia/Kolkata)
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का आह्वान, दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से किया इनकार
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2026 (नज़राना टाइम्स): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को काकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित होने वाले इस प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 23 हजार केंद्रीय सुरक्षा जवानों की तैनाती की व्यवस्था की गई है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 221 कंपनियां उपलब्ध कराई हैं। सुरक्षा के ये विशेष प्रबंध 8 से 12 अक्टूबर तक लागू रहेंगे।
मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण को लेकर विरोध
काकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की ओर से प्रस्तावित इस प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) है।
प्रदर्शन के आयोजकों ने इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।
आयोजकों का कहना है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर उठाए गए सवालों का संतोषजनक जवाब दिया जाना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से किया इनकार
रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने इसके पीछे आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किए जाने और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है।
अनुमति नहीं मिलने के बावजूद संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
राजधानी के प्रमुख सरकारी संस्थानों, जंतर-मंतर और अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
सुरक्षा बलों की तैनाती का मुख्य उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है।
यातायात प्रभावित होने की संभावना
प्रस्तावित प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के कारण मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में यातायात प्रभावित हो सकता है।
आवश्यकता पड़ने पर पुलिस द्वारा कुछ मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया जा सकता है। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से आधिकारिक यातायात संबंधी सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।
चुनावी पारदर्शिता और जवाबदेही पर फिर छिड़ी बहस
इस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के कारण देश में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण, चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
प्रदर्शन के आयोजक मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन का ध्यान राजधानी में शांति, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने पर केंद्रित है।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
नज़राना टाइम्स | राष्ट्रीय समाचार डेस्क
वेबसाइट: www.nazranatimes.com
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