एपीएस शहीदों की याद में लाहौर में पीपुल्स पार्टी द्वारा क़ुरान ख़्वानी और कैंडल मार्च

एपीएस शहीदों की याद में लाहौर में पीपुल्स पार्टी द्वारा क़ुरान ख़्वानी और कैंडल मार्च

लाहौर (नज़राना टाइम्स) अली ईमरान चठ्ठा
 

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने 16 दिसंबर 2025 को जोहर टाउन, लाहौर में आर्मी पब्लिक स्कूल (एपीएस) पेशावर त्रासदी के शहीद छात्रों और शिक्षकों की याद में क़ुरान ख़्वानी और कैंडललाइट विगिल का आयोजन किया।
यह कार्यक्रम पीपीपी के वरिष्ठ नेता फ़ैसल मीर द्वारा आयोजित किया गया। क़ुरान ख़्वानी और फ़ातिहा के बाद शहीदों की स्मृति में मोमबत्तियाँ जलाई गईं।
कार्यक्रम के बाद पीपीपी के जोहर टाउन कार्यालय में सभा को संबोधित करते हुए फ़ैसल मीर ने कहा,“पीपुल्स पार्टी का अपराध यह है कि वह धर्म के नाम पर किसी को भड़काती नहीं। जब तक धर्म के नाम पर राजनीति होती रहेगी, एपीएस जैसी घटनाएँ होती रहेंगी।”
उन्होंने अपील की, “ख़ुदा के लिए राजनीति को धर्म के बजाय जनता के मुद्दों पर केंद्रित करें।”

उन्होंने कहा कि 16 दिसंबर की त्रासदी के कारणों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। फ़ैसल मीर ने पूर्व राष्ट्रपति ज़िया-उल-हक़ पर धर्म को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहाँ तर्क और समझदारी से काम लेना चाहिए था, वहाँ हथियारों ने जगह ले ली, जिससे देश में आतंकवाद और उग्रवाद बढ़ा।
पीपीपी नेता मजीद घोरी ने दावा किया कि पाकिस्तान में आतंकवाद के पीछे भारत का हाथ है। उन्होंने मांग की कि फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर (सेना प्रमुख) शिक्षा विभाग को निर्देश दें कि आज के दिन को सभी शैक्षणिक संस्थानों में काला दिवस के रूप में मनाया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत पीपुल्स पार्टी के खिलाफ फ़िल्में बनाकर ज़हरीला प्रचार कर रहा है।
इस अवसर पर शहबाज़ दुर्रानी, हाजी रिफ़ाक़त, तारिक़ चौधरी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
कार्यक्रम के अंत में मजीद घोरी ने एपीएस के शहीदों के लिए दुआ करवाई।

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