पंजाब ने पतंगबाज़ी पर पाबंदी हटाकर नियम लागू किए

पंजाब ने पतंगबाज़ी पर पाबंदी हटाकर नियम लागू किए

पंजाब ने सुलझाई पतंग की डोर: नया ऑर्डिनेंस लाया, पाबंदी खत्म — पुलिस को मिले व्यापक अधिकार
अली इमरान चठ्ठा लाहौर (नज़राना टाइम्स)

पंजाब सरकार ने दशकों पुरानी पतंगबाज़ी पर लगी पूर्ण पाबंदी को हटाते हुए नया “पंजाब काइट-फ्लाइंग ऑर्डिनेंस 2025” लागू कर दिया है, जिसके तहत अब पतंग उड़ाने की पूरी प्रक्रिया को लाइसेंस और सख़्त नियमों के तहत नियंत्रित किया जाएगा।
यह ऑर्डिनेंस तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और इसका उद्देश्य बसंत के सांस्कृतिक त्योहार को पुनर्जीवित करना और धातु या केमिकल डोर से होने वाली मौतों—घायलों को रोकना है।
 

पाबंदी से लाइसेंस व्यवस्था तक
नई व्यवस्था में अब पतंगबाज़ी केवल लाइसेंस के तहत ही होगी:
शौकीनों के लिए: जिला डिप्टी कमिश्नर की विशेष अनुमति अनिवार्य होगी।
व्यापारियों के लिए: पतंग और डोर बनाने/बेचने वाले सभी व्यापारियों को अनिवार्य रूप से पंजीकरण और लाइसेंस लेना होगा।
क्लबों के लिए: सभी पतंगबाज़ी क्लबों का सरकारी पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
पुलिस के पास अब कड़े अधिकार
ऑर्डिनेंस के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर रैंक या उससे ऊपर का कोई भी अधिकारी:बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकता है,किसी भी संदिग्ध स्थान की तलाशी ले सकता है,प्रतिबंधित डोर और पतंग ज़ब्त कर सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों ने इसे “अत्यधिक शक्तियाँ” बताते हुए चिंता जताई है।

मिश्रित प्रतिक्रिया
व्यापारियों और सांस्कृतिक समूहों ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया है, लेकिन नागरिक समाज ने डर जताया कि ऐसे पुलिस अधिकारों का दुरुपयोग हो सकता है। कई नागरिकों ने कहा कि वे पिछले हादसों को याद करते हैं, इसलिए “सुरक्षित सामग्री” लागू होनी चाहिए, केवल काग़ज़ों में नहीं।
 

आगे का रास्ता:अब सबकी निगाह सरकार पर है कि वह कब नियमों, विशेष क्षेत्रों और “सुरक्षित सामग्री” की आधिकारिक सूची जारी करती है, जिससे यह तय होगा कि बसंत वाकई सुरक्षित रूप से लौटेगा या नहीं।

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