पंजाब सरकार उग्रवाद के उन्मूलन के लिए दृढ़ ऐतिहासिक कुलपति सम्मेलन आयोजित, 84 विश्वविद्यालयों की भागीदारी
- इंटरनेशनल
- 16 Feb, 2026 05:47 PM (Asia/Kolkata)
लाहौर नज़राना टाइम्स अली इमरान चठ्ठा
पंजाब सरकार ने हिंसक उग्रवाद के विरुद्ध प्रयासों को मजबूत करने के लिए प्रांत के इतिहास में पहली बार कुलपतियों का सम्मेलन आयोजित किया। यह सम्मेलन पंजाब गृह विभाग के सेंटर फॉर एक्सीलेंस ऑन काउंटरिंग वायलेंट एक्सट्रीमिज़्म द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें 84 सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय मंत्री और कैबिनेट कमेटी ऑन लॉ एंड ऑर्डर के अध्यक्ष Khawaja Salman Rafiq ने की। वरिष्ठ अधिकारियों में सचिव गृह डॉ. अहमद जावेद काज़ी, Higher Education Commission Pakistan के अध्यक्ष प्रो. डॉ. नियाज़ अहमद, सचिव औकाफ डॉ. एहसान भट्टा, अतिरिक्त आईजी ऑपरेशंस मुहम्मद अली नेकोकारा और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
यह सम्मेलन नेशनल एक्शन प्लान और नेशनल पॉलिसी फॉर प्रिवेंटिंग वायलेंट एक्सट्रीमिज़्म 2024 के तहत आयोजित किया गया।

वक्ताओं ने उग्रवाद के खिलाफ एकजुट राष्ट्रीय प्रतिबद्धता पर जोर दिया और सामाजिक सद्भाव, सहिष्णुता और एकता को बढ़ावा देने में विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
ख्वाजा सलमान रफीक ने कहा कि पाकिस्तान गंभीर चुनौतियों से गुजर रहा है और यह एक परीक्षा का दौर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के पूर्वजों के बलिदानों को भुलाया नहीं जा सकता और युवाओं को क़ायदे-आज़म के दृष्टिकोण के अनुसार प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद सामूहिक खतरे हैं, जिनसे निपटने के लिए संयुक्त प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने विभिन्न विचारधाराओं के विद्वानों के साथ संवाद के माध्यम से शांति स्थापित करने की कोशिश की है और मदरसों के कम्प्यूटरीकरण व उन्हें राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल करने की प्रक्रिया जारी है।

सचिव गृह डॉ. अहमद जावेद काज़ी ने 2025 अधिनियम के तहत सेंटर के कानूनी और नीतिगत ढांचे की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा को उग्रवाद के खिलाफ अग्रिम रक्षा पंक्ति बताया और छात्रों को “पैगाम-ए-पाकिस्तान” के संदेश का अध्ययन करने की अपील की।
कुलपतियों ने संयुक्त घोषणा में कहा कि पंजाब उच्च शिक्षा का केंद्र है और देश की सामाजिक एवं बौद्धिक दिशा पर इसका महत्वपूर्ण प्रभाव है। उन्होंने असहिष्णुता, गलत सूचना और सामाजिक तनाव से निपटने में विश्वविद्यालयों की सक्रिय भूमिका पर सहमति व्यक्त की।
सम्मेलन में King Edward Medical University, University of the Punjab, University of Engineering and Technology Lahore, University of Agriculture Faisalabad और अन्य प्रमुख विश्वविद्यालयों के कुलपति प्रत्यक्ष एवं वीडियो लिंक के माध्यम से शामिल हुए।
सम्मेलन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि शिक्षा संस्थान और सरकारी विभाग मिलकर उग्रवाद का मुकाबला करेंगे और समाज में एकता को बढ़ावा देंगे।
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