‘चुनाव लड़ने से रोकने के लिए दीवान को किया गया गिरफ्तार’—सबा दीवान का आरोप
- इंटरनेशनल
- 16 Aug, 2026 09:10 PM (Asia/Kolkata)
पूर्व आज़ाद जम्मू-कश्मीर प्रधानमंत्री ने जेल में बंद पूर्व विधायक के परिवार से की मुलाकात, गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक
लाहौर, 16 अगस्त (नज़राना टाइम्स) अली इमरान चठ्ठा
आज़ाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व प्रधानमंत्री सरदार अब्दुल कय्यूम नियाज़ी ने शनिवार को लाहौर में जेल में बंद पूर्व विधायक गुलाम मोहिउद्दीन दीवान के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने दीवान की गिरफ्तारी को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।
आज़ाद कश्मीर में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख नियाज़ी ने दीवान के घर जाकर उनकी पत्नी सबा दीवान और बच्चों से मुलाकात की तथा परिवार के साथ एकजुटता व्यक्त की। उनके कार्यालय के अनुसार, नियाज़ी ने दीवान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने “दमन और ज्यादती” का डटकर मुकाबला किया है।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री साहिबज़ादा हामिद रज़ा, यासिर गफूर गुज्जर, मिर्ज़ा सादिक जराल, चौधरी नदीम निसार, हाजी एजाज़ दीवान, साकिब सलीम बट, ज़का दीवान और इश्तियाक मलिक भी उनके साथ मौजूद थे।

सबा दीवान ने पत्रकारों से कहा कि उनके पति पांच बार विधायक रह चुके हैं और पूर्व मंत्री भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब तीन महीने पहले उन्हें धारा 96-B-23 के तहत इसलिए गिरफ्तार किया गया ताकि वे क्षेत्र में होने वाले आगामी चुनावों में हिस्सा न ले सकें। उन्होंने बताया कि गुलाम मोहिउद्दीन दीवान इस समय लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद हैं।
सबा दीवान के अनुसार, मामले में फैसला आने के बावजूद पंजाब सरकार ने उनके पति को कथित झूठे मामलों में हिरासत में रखा हुआ है और उनकी जमानत की सुनवाई लगातार टाली जा रही है।
उन्होंने कहा कि उनके पति हृदय रोगी हैं और परिवार को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दीवान की तत्काल रिहाई और परिवार के खिलाफ “राजनीतिक प्रतिशोध” समाप्त करने की मांग की।
परिवार के अनुसार, गुलाम मोहिउद्दीन दीवान आज़ाद जम्मू-कश्मीर विधानसभा में LA-41 वैली-टू निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और दो बार मंत्री भी रहे हैं।
उनकी पत्नी और PTI नेता सबा दीवान ने कहा कि उन्होंने स्वयं भी अपनी सीट बड़े अंतर से जीती थी। उन्होंने चुनाव परिणामों को खारिज करते हुए अपने परिवार के खिलाफ कथित प्रतिशोधात्मक कार्रवाइयां बंद करने की मांग की।
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